बड़ी खबर- योगी सरकार की तरह दिल्ली हिंसा के दंगाइयों से की जाएगी….

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश पुलिस की तर्ज पर दिल्ली पुलिस ने भी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए साम्प्रदायिक दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से जुर्माना वसूलने या उनकी संपत्तियों को कुर्क करने का फैसला किया गया है। इस योजना पर काम कर रहे पुलिस के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने कहा कि क्राइम ब्रांच के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) और लोकल पुलिस को इस संबंध में पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि नुकसान का आंकलन करने के लिए नगर निगम अधिकारियों और दिल्ली सरकार के साथ समन्वय किया जाए। एसआईटी को उन लोगों की पहचान करने का काम सौंपा गया है जिन्होंने 4 दिनों में और पूरी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान आगजनी, लूटपाट या संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था।
यह शक है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों सहित कई स्थानीय अपराधियों ने जाफराबाद, कर्दमपुरी, करावल नगर, मौजपुर, भजनपुरा और अन्य क्षेत्रों में स्थिति का फायदा उठाया। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कम से कम 1000 दंगाइयों की पहचान की है और अब तक कम से कम 630 लोगों को हिरासत में लिया है या गिरफ्तार किया है।

वास्तविक नुकसान का आंकलन करने में समय लगेगा, लेकिन दिल्ली पुलिस का मानना ​​है कि रविवार और बुधवार के बीच सैकड़ों करोड़ की संपत्ति नष्ट हो गई है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने पूर्वी दिल्ली नगर निगम और पावर डिस्कॉम बीएसईएस से स्थिति बहाल करने और दंगा प्रभावित क्षेत्र में जलाए गए वाहनों के मलबे और ढेर को साफ करने के लिए भी मदद मांगी है।

दिल्ली दंगा पीड़ितों को आज से

उत्तर प्रदेश प्रशासन ने बीते साल दिसंबर 2019 में राज्य में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान नुकसान की भरपाई के लिए दंगाइयों के रूप में पहचाने जाने वाले कम से कम 400 लोगों को नोटिस भेजे थे। सुप्रीम कोर्ट की पिछली सिफारिशों और 2011 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसलों ने इसे सही ठहराया था। दिल्ली फायर सर्विसेज ने दंगों में 79 घरों, 52 दुकानों, पांच गोदामों, तीन कारखानों, चार मस्जिदों और दो स्कूलों को नुकसान / आगजनी की सूचना दी है। उम्मीद है कि ये संख्या बढ़ेगी।

दंगों की जांच का जिम्मा एसआईटी को

दंगों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा गठित दो एसआईटी को सभी शिकायतों / घटनाओं को दर्ज करने के लिए निर्देश दिए गए हैं, जो स्थानीय पुलिस से छूट गए हो सकते हैं, जबकि एक स्पेशल टीम को सभी वीडियो, फोटो और मैसेजों की जांच करने का काम सौंपा गया है। पुलिस मंगलवार और बुधवार को हिंसा के दौरान इस्तेमाल किए ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है ताकि अधिक दंगाइयों की पहचान की जा सके।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एम.एस. रंधावा का कहना है कि कम से कम 630 लोगों को हिरासत में है या गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से हथियार रखने और उपयोग करने वालों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत 25 लोगों सहित अब तक कुल 148 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

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