श्रावण सोमवार पर जयकारों से गूंजा महाकाल का दरबार, पशुपतिनाथ की हुई विशेष पूजा अर्चना

उज्जैन में श्रावण के पहले सोमवार को श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति ने सामान्य कतार में दर्शन के लिए 7.5 हजार श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्री-परमिशन दी है। कोरोना वायरस की वजह से मंदिरों में भक्तों को शारीरिक दूरी का ध्यान रख दर्शन करने के व्यवस्था है। महाकाल मंदिर में सुबह 5.30 बजे से दर्शन शुरू हुए। दर्शन चार पारियों में रात 9 बजे तक होंगे।

भोपाल. श्रावस मास के पहले दिन सोमवार को शिवालयों में विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों में पहुंच रहे हैं और अपने अराध्य के दर्शन कर रहे हैं। उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर मंदिर में भी सावन सोमवार के पहले दिन विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके अलावा  ओंकोरेश्वर, मंदसौर के पशुपतिनाथ और भोजपुर के शिव मंदिर में की विशेष सजावट और पूजा हुई। महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती के बाद भोलेनाथ को साफा पहनाकर विशेष श्रृंगार किया गया। पूरा मंदिर परिसर बाबा के जयकारों ने गुंजायमान हो गया।उज्जैन में श्रावण के पहले सोमवार को श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति ने सामान्य कतार में दर्शन के लिए 7.5 हजार श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्री-परमिशन दी है। कोरोना वायरस की वजह से मंदिरों में भक्तों को शारीरिक दूरी का ध्यान रख दर्शन करने के व्यवस्था है। महाकाल मंदिर में सुबह 5.30 बजे से दर्शन शुरू हुए। दर्शन चार पारियों में रात 9 बजे तक होंगे। दर्शन के लिए शंखद्वार गेट से प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं शाम 4 बजे महाकालेश्वर की श्रावण की पहली सवारी मंदिर परिसर से निकलेगी। सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार सेना, सशस्त्र बल, चोबदार, पालकी के साथ पुजारी शामिल होंगे। श्रावण में भगवान महाकाल की 5 और भादौ में 2 कुल 7 सवारियां निकलेंगी। आखिरी सवारी प्रमुख होगी।

श्रावण सोमवार पर आज शाम भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी भी निकलेंगी। यहां भी कोरोना संक्रमण के कारण सवारी में श्रद्धालु शामिल नहीं हो सकेंगे। लेकिन सवारी परंपरा के अनुसार ही निकलेगी, जिसमें मंदिर के पुजारी और कर्मचारी शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए शामिल होंगे। नर्मदा घाट पर आरती के बाद भगवान नौका विहार भी करेंगे।

मंदसौर में अष्टमुखी पशुपतिनाथ के दरबार में मंदिर प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्ता की है। श्रावस सोमवार पर यहां दर्शन करने आने वाले भक्तों को किसी भी तरह मंदिर परिसर में भीड़ जमा नही हो सकेगी। साथ ही श्रद्धालु की चेकिंग कड़ाई से की जा रही है। ताकि कोई पॉजीटिव मरीज अंदर प्रवेश न कर सके। यही नहीं मंदिर परिसर में सावन मास में होने वाले अनुष्ठान नही हो रहे हैं। साथ ही लोगों से सोशल डिस्टेंड का ध्यान रखने को कहा जा रहा है।

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