बड़ी खबर: UP- 112 की सेवाओं का विस्तार, फायर सर्विस, GRP, 108 व 1090 सेवाओं को जोड़ा गया

UP-112 के अपर पुलिस महानिदेशक असीम अरुण ने बताया कि UP-112 के माध्यम से दी जा रही सेवाओं की सराहना का दायरा जहां एक ओर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है वहीं इसकी ख्याति विदेशों तक भी जा पहुंची है। इसका उदाहरण है दुबई पुलिस द्वारा गत वर्ष सम्पन्न अन्तर्राष्ट्रीय कॉल सेन्टर प्रतियोगिता में UP-112 को तृतीय पुरुस्कार मिला, जिसमें विश्व भर के कई देशों की पुलिस द्वारा हिस्सा लिया गया था।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आम जनता को आकस्मिकता की स्थिति में पुलिस विभाग की सेवाओं की त्वरित गति से उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से UP-112 सेवा को और अधिक सुदृढ़ एवं सशक्त बनाया गया है।यह जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में UP-112 की सेवाओं को और अधिक विस्तार दिया गया है। इसके लिए जहां एक ओर UP-112 को अन्तर्राष्ट्रीय मानकां के अनुसार आपात सेवा के रुप में संचालित करने की दिशा में गंम्भीरता से प्रयास किये गये है वहीं इसके माध्यम से वर्तमान सेवा के अलावा फायर सर्विस, जीआरपी, 108 एम्बुलेन्स सेवा व 1090 वीमेन पावर लाइन जैसी सेवाओं की भी उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने की व्यवस्था की गई है।
UP-112 के अपर पुलिस महानिदेशक असीम अरुण ने बताया कि UP-112 के माध्यम से दी जा रही सेवाओं की सराहना का दायरा जहां एक ओर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है वहीं इसकी ख्याति विदेशों तक भी जा पहुंची है। इसका उदाहरण है दुबई पुलिस द्वारा गत वर्ष सम्पन्न अन्तर्राष्ट्रीय कॉल सेन्टर प्रतियोगिता में UP-112 को तृतीय पुरुस्कार मिला, जिसमें विश्व भर के कई देशों की पुलिस द्वारा हिस्सा लिया गया था।
UP-112 की सेवाएं जहां पहले सामान्य घटनाओं व आपातकालीन सूचनाओं पर कार्य करती थी वहीं अब इसके माध्यम से आग लगने पर भी शीघ्र मदद पहुँचाने के लिए अग्निशमन विभाग से भी जोड़ दिया गया है। ट्रेनो में राजकीय रेलवे पुलिस की सहायता प्राप्त करने हेतु भी इस नम्बर का प्रयोग अब किया जा सकेगा। किसी भी आकास्मिक आपदा के समय राज्य आपदा मोचक बल से मदद पाने के लिए भी उससे जोड़ा गया है। महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाये जाने के लिए इसको वीमेन पावर लाइन (1090) से जोड़ा गया है साथ ही इसको पिंक बस सेवा से भी इंटीग्रेटेड किये जाने की व्यवस्था की गई है।

अरूण ने यह भी बताया कि 26 अक्टूबर, 2019 से अब तक कुल 44,68,451 कॉल्स मदद के लिए UP डायल 112 पर की गयी है, जिस पर त्वरित कार्यवाही के लिए सम्बन्धित ईकाईयों यथा अग्निशमन-34,652, जीआरपी-8,917, मेडिकल-5,47,875, पुलिस-38,66,572 एवं UPSRTC-10,435 कॉल्स को मदद के लिए स्थानान्तरित किया गया। महिलाओं को भय मुक्त वातावरण देने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर UP 112 द्वारा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक महिला स्कार्ट की सुविधा शुरू की गई जिसके अन्तर्गत अकेली महिला को सुरक्षित उसके गन्तव्य तक पहुँचाने में PRV की मदद ली गई है।

वर्तमान समय में 10 प्रतिशत पुलिस रिस्पान्स व्हीकल को महिला PRV के रुप में लगाया गया है। लॉक डाउन के दौरान लगभग 100 महिलाओं को आपात स्थिति में गन्तव्य तक पहुँचाया गया। घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए UP-112 की ओर से विशेष व्यवस्था शुरु की गई है जिसके तहत पीड़ित महिलाओं की शिकायत पर उनका पंजीकरण भी शुरु किया गया है। इस वर्ष 8 मार्च से शुरु हुई इस योजना में 2119 महिलाओं ने स्वयं UP-112 को कॉल कर व 1577 महिलाओं के घर जाकर महिला PRV द्वारा विस्तार से पंजीकरण किया गया है। ताकि किसी भी समय इनके द्वारा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

सीनियर सिटीजन व वृद्ध जनों की मदद के लिए UP-112 की तरफ से सवेरा नामक योजना शुरु की गई है जिसके तहत 7 लाख 30 हजार से अधिक बुजुर्गो का पंजीकरण कर इनके लिए एक अलग से डेस्क UP-112 में बनाई गई है। उन्होंने बताया कि कोई भी जरुरतमंद बुजुर्ग काल कर अपना पंजीकरण करा सकते है। ऐसे बुजुर्ग जब काल करते है तो उन्हें न्यूनतम समय में मदद का प्रयास किया जाता है।

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