कोविड-19: UP में वीकेंड लॉकडाउन पर प्रियंका वाड्रा ने कहा- नहीं समझ आया ‘बेबी पैक’ का लॉजिक?

उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया कि उप्र: पिछले तीन दिन में कोरोना के मामले। उन्होंने 10 जुलाई को 1,347, 11 जुलाई को 1,403 और 12 जुलाई को संक्रमण के 1,388 नए मामलों का हवाला देते हुए कहा कि लॉकडाउन के वीकेंड ‘बेबी पैक’ का लॉजिक अब तक किसी को समझ नहीं आया। अपनी असफलता छुपाने के लिए खिलवाड़ जारी है।

लखनऊ. कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने उप्र में बीते तीन दिनों में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़े मामलों को लेकर सरकार पर हमला बोला है।
राज्य में 10 जुलाई की रात्रि 10 बजे से आज सुबह 05 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। इस दौरान सभी कार्यालय, सभी शहरी व ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मण्डी, व्यावसायिक प्रतिष्ठान इत्यादि बंद रहे। इसके बावजूद संक्रमण में कमी नहीं आने को लेकर प्रियंका ने आंकड़ों के ​जरिए योगी सरकार पर कटाक्ष किया।
उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया कि उप्र: पिछले तीन दिन में कोरोना के मामले। उन्होंने 10 जुलाई को 1,347, 11 जुलाई को 1,403 और 12 जुलाई को संक्रमण के 1,388 नए मामलों का हवाला देते हुए कहा कि लॉकडाउन के वीकेंड ‘बेबी पैक’ का लॉजिक अब तक किसी को समझ नहीं आया। अपनी असफलता छुपाने के लिए खिलवाड़ जारी है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसा ‘मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की।’
उन्होंने एक ग्राफ के जरिए आंकड़ा दर्शाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले 5,000 केस 76 दिनों में सामने आए। अब चिंताजनक तरीके से हर तीन दिन में लगभग 5,000 कोरोना के केस सामने आ रहे हैं।
प्रियंका ने योगी सरकार पर ये हमला त​ब बोला है जब मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर अब सभी बाजार सोमवार से शुक्रवार तक ही खुलेंगे और शनिवार व रविवार को साप्ताहिक बन्दी रहेगी। साप्ताहिक बन्दी के दौरान सभी बाजारों की स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन के लिए विशेष कार्यक्रम चलेगा। औद्योगिक इकाइयां भी शनिवार व रविवार को अपने यहां सेनिटाइजेशन का कार्य करेंगी।
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राज्य में कोराना संक्रमण के प्रसार को लेकर सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में चार कार्यदिवस ही लागू करने की वकालत कर चुके हैं। अखिलेश ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना के बदतर होते हुए हालतों की वजह से सरकार को अपने अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उन्हें सप्ताह में केवल चार दिन ही बुलाना चाहिए व हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही एकांतवास होने की अनुमति देनी चाहिए, जिससे गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल में जगह कम न पड़े।
इस तरह उन्होंने कार्यदिवस सोमवार से बृहस्पतिवार तक होने चाहिए और साप्ताहिक बंदी शुक्रवार, शनि और रविवार को करने की मांग की है।

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