राजस्थान: गहलोत सरकार का 109 विधायकों के समर्थन का दावा, छटे सियासी संकट के बादल

जबकि मुख्यमंत्री गहलोत रविवार को पूरे दिन सरकार बचाने की कवायद में लगे रहे। BJP इस पूरे मसले पर निगाहें गढ़ाए हुए हैं। BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से उनमें अंर्तकलह चल रहा है। यही अंर्तकलह इस सरकार को ले डूबेगा।

जयपुर. राजस्थान में सियासी उठापटक के बीच सोमवार सुबह ग्‍यारह बजे मुख्‍यमत्री अशोक गहलोत के आवास पर होने थिलेकिं अभी शुरू नहीं हो सही है। उम्मीद है कि बैठक अब दोपहर बाद होगी।गहलोत सरकार का दावा है कि उनके पास 109 विधायकों का समर्थन पत्र है, जबकि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दावा किया है कि 30 कांग्रेस विधायक उनके समर्थन में है। पायलट के हवाले से सूत्रों ने दावा किया है कि उप मुख्यमंत्री भाजपा में नहीं जाएंगे। वे एक अलग तीसरा मोर्चा खड़ा कर सकते हैं। पायलट सोमवार को नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। इसमें कांग्रेस के एक तिहाई विधायकों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। प्रगतिशील कांग्रेस के नाम से तीसरा मोर्चा खड़ा करने की संभावना के बीच भारतीय जनता पार्टी के केन्‍द्र और राज्‍य के वरिष्‍ठ नेता इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी निगाहें बनाए हुए हैं।
तीनों नेताओं ने रविवार देर रात तक मुख्यमंत्री आवास पर गहलोत और अन्य नेताओं से मुलाकात की और सारी स्थितियों को लेकर विचार विमर्श किया। इसके बाद रात ढाई बजे पत्रकार वार्ता कर 109 विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा किया।अविनाश पांडे ने कहा कि सोमवार सुबह विधायक दल बैठक होगी इसे लेकर व्हीप जारी कर दिया है जो विधायक इसका उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ अनुशासनत्मक कार्रवाई की जाएगी। पांडे ने कहा कि बीजेपी की साजिश कामयाब नहीं होगी , राजस्थान के सभी विधायक एकजुट है। तीनों नेताओं ने राजस्थान सरकार को किसी तरह का खतरा होने से इनकार किया।

इधर बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि उन्‍हें खरीदने की कोशिश की गई है। विधायक दल की बैठक में शामिल होने आए गुड़ा ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रविवार रात को हमसे होटल में संपर्क किया गया और हमें ऑफर दिया गया। आयकर छापों लेकर उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है।  उन्होंने दावा किया कि सरकार बचाने के लिए बीजेपी के कुछ नेताओं से भी संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और अन्य कुछ विधायकों को एसओजी का नोटिस जारी होने के बाद से राजस्थान में सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। उप मुख्यमंत्री पायलट कुछ समर्थित विधायकों के साथ दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, जबकि मुख्यमंत्री गहलोत रविवार को पूरे दिन सरकार बचाने की कवायद में लगे रहे। BJP इस पूरे मसले पर निगाहें गढ़ाए हुए हैं। BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से उनमें अंर्तकलह चल रहा है। यही अंर्तकलह इस सरकार को ले डूबेगा।

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