हिंदी साहित्य को बड़ा झटका, कोरोना संक्रमण ने ली इस महान कवि व साहित्यकार की जान

अनेक युवाओं को साहित्य के क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित किया और पत्रिकाओं और विशेष अंक निकालकर देश भर के लेखकों को खगड़िया जिले के कवियों, कथाकारों, लेखकों से जोड़ा। 

खगड़िया. शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहकर साहित्य के विकास के प्रति समर्पित रहे शिक्षक-कवि कैलाश झा किंकर कोरोना से जंग हार गए। जिले के हरिपुर अलौली निवासी शिक्षक कवि स्व.किंकर ने ‘फरकिया’ जैसे पिछड़े इलाके में खगड़िया जिला हिंदी भाषा साहित्य परिषद की स्थापना की और महासचिव के रूप सैकड़ों साहित्य अनुरागी पाठक बनाए। अनेक युवाओं को साहित्य के क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित किया और पत्रिकाओं और विशेष अंक निकालकर देश भर के लेखकों को खगड़िया जिले के कवियों, कथाकारों, लेखकों से जोड़ा। शिक्षक के पद पर कार्यरत होने के कारण ईवीएम के काम में उनकी प्रतिनियुक्ति हुई थी। वहीं से वे कोरोना संक्रमित होने के बाद संसारपुर कोविड सेंटर में भर्ती थे। सोमवार की देर शाम खबर आयी कि  उनकी मौत हो गई।

उनके आकस्मिक निधन पर खगड़िया के वरिष्ठ साहित्यकार-पत्रकार रंजन वर्मा, परिषद से जुड़े प्रो.चंद्रिका प्रसाद सिंह विभाकर, नंदेश निर्मल, राजेन्द्र राजेश,डॉ सोहन कुमार सिन्हा, अजिताभ सिन्हा आदि दर्जनों साहित्य प्रेमियों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button