कृषि प्रधान देश में गाँव, गरीब और किसान दैवीय आपदाओं के साथ साथ सरकार की अनदेखी का शिकार है: रालोद

आवश्यकता इस बात की है कि सरकार यदि दैवीय प्रकोप से नहीं बचा सकती तो बाढ़ आदि से बचाने की व्यवस्था अवश्य कर सकती है। आज देश के लोगों को प्रधानमंत्री द्वारा कई महीनों तक निःशुल्क राशन देने की घोषणा की गई है और प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को भूखे रहकर समय बिताना पड़ रहा है।

लखनऊ. राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी ने प्रदेश सरकार पर गाँव, गरीब और किसान की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार लगातार देखती चली आ रही है कि पूर्वांचल के बाराबंकी, गोण्डा, बहराइच,गोरखपुर. आजमगढ़ और बलिया आदि जनपदों के सैकड़ों गाँव तथा हजारों एकड़ फसलें प्रति वर्ष घाघरा, राप्ती और सरयू तथा गण्डक आदि नदियों की बाढ़ में डूब जाती हैं फिर भी बाढ़ से सुरक्षा के सन्दर्भ में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।परिणामस्वरूप वही तबाही का मंजर पूर्वांचल में नजर आ रहा है और प्रशासन द्वारा यह क्षेत्र खाद्य सामग्री से भी वंचित रखा जा रहा है। त्रिवेदी ने कहा कि बिडम्बना यह है कि हमारे मुख्यमंत्री का गृह जनपद भी पूर्वांचल का गोरखपुर ही है और वे इस क्षेत्र की बाढ़ विभीषिका से भलीभाँति परिचित हैं।

वर्तमान में बहराइच, बलिया तथा आजमगढ़ में घाघरा और अयोध्या तथा बाराबंकी के सैकड़ों गाँव फसलों सहित सरयू नदी की चपेट में हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा केवल कुछ लोगों को तिरपाल दिए गए हैं जिनके सहारे बच्चे, बूढे़ और महिलाओं के साथ साथ नवजवान भी भूखे प्यासे समय बिताने को मजबूर हैं। रालोद प्रवक्ता ने कहा कि हमारे कृषि प्रधान देश में गाँव, गरीब और किसान दैवीय आपदाओं के साथ साथ सरकार की अनदेखी का शिकार है।

आवश्यकता इस बात की है कि सरकार यदि दैवीय प्रकोप से नहीं बचा सकती तो बाढ़ आदि से बचाने की व्यवस्था अवश्य कर सकती है। आज देश के लोगों को प्रधानमंत्री द्वारा कई महीनों तक निःशुल्क राशन देने की घोषणा की गई है और प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को भूखे रहकर समय बिताना पड़ रहा है।

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