कोविड-19 सम्बन्धी सभी सेवाओं को इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर से जोड़ा जाए: CM योगी

सीएम योगी ने कोविड-19 के संक्रमण के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरते। इस महामारी की आपदा में मानव सेवा हमारा धर्म होना चाहिए, जिसमें गलतियों के लिए कोई स्थान न हो।

हेल्थ डेस्क. मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर लखनऊ में कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरते। इस महामारी की आपदा में मानव सेवा हमारा धर्म होना चाहिए, जिसमें गलतियों के लिए कोई स्थान न हो। उन्हांंने कहा कि लखनऊ जनपद स्तर पर कोविड-19 के संक्रमण की दर को रोकने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हर हाल में सुनिश्चित की जाए। डोर-टू-डोर सर्वे के कार्य में कोई कोताही न हो। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को सजगता व सतर्कता के साथ कार्य करना होगा-

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी लखनऊ में प्रदेश के हर जनपद से लोग उपचार के लिए आते हैं। वर्षा ऋतु के दृष्टिगत कोविड-19 तथा संचारी रोगों के संक्रमण के नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को सजगता व सतर्कता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस/प्रशासन लखनऊ के सभी 110 वॉर्डों में पुलिस एड्रेस सिस्टम के माध्यम से मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, साफ-सफाई, कोविड-19 से बचाव के उपायों के सम्बन्ध में जागरूक करे। इन्फोर्समेण्ट की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

पेट्रोल पम्प तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी ग्राहकों के लिए अनिवार्य हो मास्क-

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल पम्प तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी मास्क या फेस कवर ग्राहकों के लिए अनिवार्य हो। व्यापारी तथा अन्य कर्मी भी इसका इस्तेमाल करें। सभी सार्वजनिक स्थलों एवं अस्पतालों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जागरूकता की कार्यवाही की जाए। प्राइवेट अस्पताल में भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था करायी जाए। शनिवार व रविवार को व्यापक स्तर पर स्वच्छता व सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाए।

कोविड-19 के नियंत्रण के लिए धन की नहीं है कोई कमी-

योगी ने कहा कि सर्विलांस, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, रैपिड टेस्ट की कार्यवाही को प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग और प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि रैपिड टेस्ट से संक्रमण पर रोक लगती है और जीवन रक्षा होती है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना हो। पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनिटाइजर उपलब्ध रहे। कोविड-19 के नियंत्रण के लिए धन की कोई कमी नहीं है। कोविड-19 के सम्बन्ध में शासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित किया जाए।

डिस्चार्ज मरीज को होम क्वारण्टीन में निश्चित समय तक भेजा जाए-

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमित मरीज के परिजनों को उसकी स्थिति के सम्बन्ध में चिकित्सक द्वारा नियमित रूप से अवगत कराया जाए। कोविड मरीज को डिस्चार्ज करने के सम्बन्ध में भारत सरकार की नीति लागू किए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि डिस्चार्ज मरीज को होम क्वारण्टीन में निश्चित समय तक भेजा जाए। इस दौरान मरीज को सर्विलांस सिस्टम से जोड़ा जाए। उन्होंने कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रखने पर विचार करने तथा एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में लगभग 12,000 वॉर्ड हैं, हर वॉर्ड में सर्वे सुनिश्चित होना चाहिए-

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर पर स्वास्थ्य विभाग सर्विलांस, एम्बुलेंस सेवा, डोर-टू-डोर सर्वे, कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पतालों के लिए अलग-अलग टीम बनाकर परस्पर समन्वय के साथ कार्य करे। प्रत्येक टीम का संचालन एक व्यक्ति के नेतृत्व में सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश के प्रत्येक वॉर्ड में आवश्यक संख्या में सर्वे टीम तैनात की जाए। सर्वे की व्यवस्था सर्विलांस टीम द्वारा सर्वे की व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि प्रत्येक 08 से 10 दिन के बाद पुनः डोर-टू-डोर सर्वे किया जा सके। टीम के पास पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, सैनिटाइजर, ग्लव्स, मास्क या फेस कवर की उपलब्धता रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 12,000 वॉर्ड हैं। हर वॉर्ड में सर्वे सुनिश्चित होना चाहिए।

वायरस के विरुद्ध संघर्ष के लिए सर्विलांस किया जाना आवश्यक-

मुख्यमंत्री ने कहा कि वायरस के विरुद्ध संघर्ष के लिए सर्विलांस किया जाना आवश्यक है। कोविड-19 की संक्रमण दर को रोकने के लिए जेई/एईएस के प्रसार पर नियंत्रण सम्बन्धी अनुभव को उपयोग में लाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास एवं नगर विकास विभाग शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करे। क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया जाए। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन व फॉगिंग का कार्य जारी रखा जाए।

कण्टेन्मेण्ट जोन के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता व सख्ती बरती जाए-

मुख्यमंत्री ने कहा कि कण्टेन्मेण्ट जोन के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता व सख्ती बरती जाए। डोर स्टेप डिलीवरी हो। जिला प्रशासन द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों सहित अन्य की सेवाएं ली जाएं। उन्हांंने कहा कि आवश्यकतानुसार नई एम्बुलेन्स अथवा निजी एम्बुलेन्स की भी सेवाएं ली जाएं। 102, 108, एएलएस एम्बुलेन्स सेवा के अलावा, पुरानी उपलब्ध एम्बुलेन्स का भी प्रयोग किया जाए। आईएमए एवं नर्सिंग एसोसिएशन के साथ जिला प्रशासन की हर सप्ताह बैठक हो। कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पतालों के हर वॉर्ड में पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध हो और उसका प्रत्येक घण्टे इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

 

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