योगी सरकार के तीन वर्ष चार माह में ‘अपराध के पौधों को सींचने वालों के हाथ हुए कमजोर’

योगी आदित्यनाथ की सरकार में UP पुलिस का जोश भी दिखने लगा और उसी का नतीजा है कि पुलिस ताबड़तोड़ 6,238 एनकाउंटर कर चुकी है। जिसमें कुल 123 इनामी अपराधी ढेर हुए और 2,296 अपराधी घायल होने के बाद पकड़े गये।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध और अपराधी के विरुद्ध तय नीतियों के कारण अपराध जगत में नये पौधे को सींचने वालों के हाथ ठीक से कमजोर हुआ है। अपराध जगत के आकाओं को यह मालूम हो चुका है कि योगी आदित्यनाथ किसी भी स्थिति में अपराधियों को सहजता से रहने का मौका नहीं देने वाले हैं। यह भी सच है कि चाहे वह अपराधी सत्ता के नजदीक हों या विपक्ष के करीब हों, सभी के साथ योगी सरकार कठोरता के साथ निपट रही है।
योगी आदित्यनाथ की सरकार में UP पुलिस का जोश भी दिखने लगा और उसी का नतीजा है कि पुलिस ताबड़तोड़ 6,238 एनकाउंटर कर चुकी है। जिसमें कुल 123 इनामी अपराधी ढेर हुए और 2,296 अपराधी घायल होने के बाद पकड़े गये। इसका परिणाम यह हुआ कि उत्तर प्रदेश में रहने वाले छोटे व्यापारी और बड़े व्यवसायी हर कोई सुकून ही सांस लेने लगा। मुख्यमंत्री के स्तर पर जहां भी व्यापारी और व्यवसायी को लाभ पहुंचाने की बात तय होनी थी, वो सभी कुछ तय होती गयी। आज व्यापारी को रंगदारी के लिए धमकी देने से पहले अपराधी चार बार सोचता है और मांगने के बाद प्रदेश छोड़कर भागने के रास्ते खोजने लगता है। मौजूदा हालात तो इस कदर बदला है कि प्रदेश में अपहरण की घटनाएं होनी बंद हो गयी ।
बीते दिनों प्रदेश के औद्योगिक राजधानी कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की गोलियों से भूनकर हुई हत्या और इसके बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे का एनकांउटर पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारीपूर्ण रवैये का प्रमाण है। मध्य प्रदेश से कानपुर लाते वक्त विकास दुबे वाहन से निकलने के बाद भागने में कामयाब हो जाता तो निश्चित तौर पर यह कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता, पुलिसकर्मियों ने अपने ऊपर गोलियां चलती देखकर बचाव में गोली चलायी, जिसमें विकास दुबे मार गिराया गया।
UP पुलिस मुख्यालय से मिले आकड़े के अनुसार योगी सरकार बनने के बाद हुए अभी तक के एनकांउटर में 13 पुलिसकर्मी शहीद हुए जबकि 909 पुलिस वाले घायल हुए हैं।
बहरहाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध के विरुद्ध चढ़े रंग ने बड़े-बड़े अपराधियों को बेरंग कर दिया है। कुछ प्रदेश के बाहर की जेलों में चले गये हैं। कुछ सेंट्रल जेलों में बंद होने के साथ ही बेहद खामोश हो चुके हैं। कुछ माफिया कहे जाने वाले अपराधियों ने योगी आदित्यनाथ के भय से प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विधायक की आड़ ले ली है। इससे यह साफ है, उत्तर प्रदेश में अपराध की पौध सींचने वाले भयभीत हैं और इससे प्रदेश में बहुत हद तक शांति है।

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