UP: सोमवती अमावस्या पर गंगा घाट रहे सूने, पुलिस ने रास्तों पर की नाकाबंदी

पूर्व से ही जिला प्रशासन ने सोमवती अमावस्या के लिए तैयारियां कर ली थी। गंगा घाटों पर भीड़ ना लगे इसके लिए यहां पुलिस की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई थी। यही नहीं कासगंज के सभी प्रवेश द्वार पूरी तरह सील कर दिए गए।

कासगंज. धार्मिक पर्व सोमवती अमावस्या के चलते सोमवार को शूकर क्षेत्र सोरों के समस्त गंगा घाट पूरी तरह सूने रहे। जिला प्रशासन ने बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को कासगंज की सीमा में प्रवेश करने से पूर्व ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। बड़ी संख्या में श्रलालु जो विभिन्न माध्यमों से गंगा स्नान के लिए जा रहे थे वह वापस गंतव्य को रवाना हो गए।
पूर्व से ही जिला प्रशासन ने सोमवती अमावस्या के लिए तैयारियां कर ली थी। गंगा घाटों पर भीड़ ना लगे इसके लिए यहां पुलिस की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई थी। यही नहीं कासगंज के सभी प्रवेश द्वार पूरी तरह सील कर दिए गए। इसके अलावा कादरगंज घाट लहरा घाट कछला घाट पर भी भीड़ के चलते सीमाएं सील कर दी गई।
नदरई, ढोलना, गोरहा सहित गंगा घाट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस का पहरा नजर आया। सोरो गंगा भक्त समिति के अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने जिला प्रशासन कि इस तरह की गई कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि या तो पहले से ही सोमवती अमावस्या के नहान को लेकर सरकार द्वारा घोषणा की जाती। तब तो किसी हद तक ठीक था। लेकिन तमाम श्रद्धालु कासगंज पहुंचने के बावजूद भी गंगा स्नान न कर सके उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक रूप से पीड़ित हुए इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष कैलाश चंद्र कटारे ने कहा कि हजारों की संख्या में पहुंचे यात्रियों का उनके वाहनों को वापस कर दिया गया। यह गंगा भक्तों के लिए प्रशासन का उचित कार्य नहीं है।
रात के अंधेरे में कर गए स्नान-
जिला प्रशासन एवं पुलिस के पहरे के बावजूद भी जनपद के विभिन्न गंगा घाटों पर लहरा, कछला, कादरगंज एवं हर पति गंगा सोरों मे रात के अंधेरे के चलते आस-पड़ोस के तमाम श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर चले गए।

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