उत्तर प्रदेश में ड्यूटी से 733 दिन गैर हाजिर होने पर कांस्टेबल बर्खास्त

SSP अनित कुमार का कहना है कि कांस्टेबल सुंदर सिंह ड्यूटी से 733 दिन अनुपस्थित रहा। नोटिस देने के बाद भी सिपाही ने कोई जबाव नहीं दिया। इसी कारण कांस्टेबल सुंदर सिंह को बर्खास्त किया गया।

बागपत. जिले में पूर्व विधायक रामवीर शौकीन की फरारी में लापरवाही उजागर होने के बाद भी एक कांस्टेबल ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया। वह इस केस से पहले भी ड्यूटी से लंबे समय गैर हाजिर रहा और बाद में भी। इस तरह ड्यूटी से 733 दिन गैर हाजिर होने पर पुलिस अफसरों ने उसको बर्खास्त कर दिया।
SSP अनित कुमार का कहना है कि कांस्टेबल सुंदर सिंह ड्यूटी से 733 दिन अनुपस्थित रहा। नोटिस देने के बाद भी सिपाही ने कोई जबाव नहीं दिया। इसी कारण कांस्टेबल सुंदर सिंह को बर्खास्त किया गया। पूर्व विधायक रामवीर शौकीन की फरारी के मामले में भी कांस्टेबल सुंदर सिंह की तत्कालीन CO लाइन की जांच में लापरवाही मिली थी। इसलिए उसको निलंबित किया गया था। इस केस की फिलहाल विभागीय जांच चल रही है।
बता दें कि देहरादून पुलिस से 15 दिसंबर 2014 को दो एके-47 और एक कार्बाइन लूटकर बदमाशों ने गैंगस्टर अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली को छुड़ा लिया था। पुलिस ने राजफाश किया था कि कुख्यात सुनील राठी के इशारों पर उसके गिरोह के सदस्यों ने वारदात को अंजाम दिया है। केस की साजिश रचने के आरोपित दिल्ली के मुंडका विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामवीर शौकीन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। पूर्व विधायक बागपत जेल में बंद था। 26 सितंबर 2018 को SI चमन सिंह, हेड कांस्टेबल राजकुमार व कांस्टेबल सुंदर सिंह पूर्व विधायक रामवीर शौकीन को इलाज के लिए जेल से दिल्ली के सफदरगंज हॉस्पिटल लेकर गए थे। जहां से रामवीर शौकीन पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। दिल्ली के संबंधित थाने में घटना का मुकदमा दर्ज हुआ था। लापरवाही उजागर होने पर तत्कालीन बागपत SP ने तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था।
उधर SSP अनित कुमार का कहना है कि जांच में सामने आया कि पूर्व विधायक रामवीर शौकीन को तीनों पुलिसकर्मी सफदरगंज हॉस्पिटल की बजाए, उसकी ससुराल देवली रोड खानपुर लेकर चले गए थे। उसको हथकड़ी भी नहीं लगा रखी थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपित फरार हो गया था। SSP के मुताबिक इस मामले में बर्खास्तगी के संबंध में हेड कांस्टेबल राजकुमार को गत 14 जुलाई को नोटिस दिया गया है। जिसको 15 दिन के अंदर जबाव देना होगा। साथ ही SI चमनसिंह की बर्खास्तगी के संबंध में मेरठ IG को पत्र लिया गया है।

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