काजीरंगा उद्यान का 92 फीसद से अधिक हिस्सा बाढ़ में डूबा, 127 जंगली जीवों की हुई मौत

बाढ़ के चलते काजीरंगा के टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत 223 वन शिविरों में से 152 वन शिविर पानी में डूब गए हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ में अब तक 12 गैंडों के साथ ही कुल 127 जंगली जीवों की मौत हुई है।

काजीरंगा.  असम में गत 22 मई से आई बाढ़ के कारण राष्ट्रीय उद्यान काजीरंगा लगातार तीसरी बार डूबा है। पिछले कुछ दिनों से उद्यान से बाढ़ का पानी उतरने लगा था। लेकिन अचानक फिर से गत दो दिनों से हो रही बरसात के चलते ब्रह्मपुत्र नद के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिसके कारण काजीरंगा उद्यान में फिर से पानी भरने लगा है। नतीजतन 92 फीसद से अधिक काजीरंगा का इलाका बाढ़ में डूब गया है।

जानकारी के अनुसार दो दिन पहले तक उद्यान के कुछ हरियाली वाले इलाके बचे थे लेकिन अब वे इलाके भी पानी में डूब गए हैं। जिसके चलते जंगली जीवों के सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। उद्यान में बनाए गए हाईलैंडों के अलावा सड़कों पर भी जंगली जीव आश्रय लेने के लिए मजबूर हैं। वहीं काफी संख्या में जंगली जीव पड़ोसी जिला कार्बी आंग्लांग के कार्बी पहाड़ों की ओर पलयान कर गए हैं।

बाढ़ के चलते काजीरंगा के टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत 223 वन शिविरों में से 152 वन शिविर पानी में डूब गए हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ में अब तक 12 गैंडों के साथ ही कुल 127 जंगली जीवों की मौत हुई है। जिसमें 17 जीवों की मौत राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर सड़क दुर्घटना के चलते हुई है। वहीं 16 जीवों की मौत चिकित्सारत अवस्था में, 68 की मौत पानी में डूबने से, 04 की मौत स्वाभाविक कारणों तथा 18 की मौत अन्य कारणों से हुई है। 127 जीवों में 93 हिरण, 04 जंगली भैंसे, 07 जंगली सुअर और 02 हिरणों की अन्य एक प्रजाति, 12 गैंडा व शेष अन्य जीव शामिल हैं।

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