कोविड-19: उत्तराखंड में बढ़ते संक्रमण को देख, CM ने टेस्टिंग बढ़ाने के दिए निर्देश

अमित नेगी ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए मेन पावर का विशेष ध्यान दिया जाए। आवश्यक संसाधन के साथ मेन पावर का होना जरूरी है। सभी जिलाधिकारी आवश्यक सामग्रियों के लिए दो माह का प्लान बनाकर रखें।

हेल्थ डेस्क. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना टेस्टिंग तेजी से बढ़ाई जाए। कोरोना अस्पतालों में प्रत्येक बेड के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जाए। वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए कोरोना से संबधित आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। फ्रंट लाइन वर्कर की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि फ्रंट लाइन वर्कर फेस सील्ड, मास्क एवं अन्य मानकों का पालन करें। वह शनिवार को सचिवालय में कोरोना के संक्रमण तथा बचाव के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे।
CM ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत औद्योगिक संस्थानों में पूरे सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि औद्योगिक संस्थानों में कार्य भी प्रभावित न हो और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सर्विलांस सिस्टम और मजबूत हो। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कारवाई की जाए। इंटेलीजेंस, एलआईयू एवं सूचना विभाग इस पर निरंतर निगरानी रखें। कोरोना अस्पतालों में सीनियर डॉक्टर लगातार विजिट करें।
जो लोग राज्य से अन्य राज्यों में जा रहे हैं या अन्य राज्यों से आ रहे हैं, कोई गलत जानकारी दे रहे हैं या सच्चाई को छिपा रहे हैं, ऐसे लोगों पर सख्त कारवाई की जाए। हाई रिस्क एरिया से आने वाले सभी लोगों की सैंपलिंग की जाए। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ में कोआर्डिनेशन की कमी की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कुमाऊं के कमिश्नर को स्वयं जिम्मेदारी लेने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कारवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के लिए इंटर डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेशन बनाकर रखें। कोरोना केयर सेंटर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। कोरोना से निपटने के लिए धन का कोई अभाव नहीं है।
अमित नेगी ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए मेन पावर का विशेष ध्यान दिया जाए। आवश्यक संसाधन के साथ मेन पावर का होना जरूरी है। सभी जिलाधिकारी आवश्यक सामग्रियों के लिए दो माह का प्लान बनाकर रखें। गृह एकांतवास का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कारवाई की जाए। गम्भीर मामलों को सीनियर चिकित्सक व्यक्तिगत देंखें, सीएमओ एवं जिलाधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। मृत्युदर को बढ़ने से रोका जाए एवं डेथ ऑडिट भी उचित तरीके से हो। गढ़वाल के कमिश्नर रविनाथ रमन ने कहा कि राज्य के बॉर्डर पर नियमित निगरानी की आवश्कता है। राज्य में ऑफिशयल एवं पर्सनल पर्पज से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी रखी जाए। कुमाऊं के कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी ने कहा कि जिलाधिकारियों को ट्रू-नेट मशीन से टेस्टिंग बढ़ानी होगी। इससे रिपोर्ट भी जल्द प्राप्त होगी। इस अवसर पर सचिव शैलेष बगोली, पंकज पाण्डेय, एसए मुरूगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, डीजी स्वास्थ्य अमिता उप्रेती एवं वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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