सावन की चौथी सोमवारी आज, जल और बेलपत्र से बाबा भोले को जल अर्पण

आज बाबा मंदिर का पाठ 4:15 पर खोला गया।  इसके बाद सरकारी पूजा पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुई।  जिला प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरकारी पूजा 5:15 तक संपन्न करा दी गई । 

देवघर. कहा जाता है की शिव के शीर्ष पर चन्द्रमा और गंगा है ऐसे में जो मस्तक पर बिराजमान हो वो ख़ास होते है । सोम चन्द्रमा को कहते है और ऐसे में सोमवारी बिशेष होता है। जल और बिल्ब पत्र से बाबा भोले को जलार्पण करने से सभी मनोकामना की पूर्ति होती है।

आज श्रावण की चौथी  सोमवारी है कहा गया है की जगत कल्याण के लिए श्रावणी मास में समुद्र मंथन किया गया था और  हर सोमवारी को एक चीजें प्राप्त हुई थी।
पहली सोमवारी को अचस्सरवा घोडा समुद्र से  दूसरी सोमवारी एरावत प्राप्त हुआ था  तीसरी सोमवारी को कोस्तुव मणि की प्राप्ति हुई थी और चोथे सोमवारी को लक्ष्मी की प्राप्ति हुई थी। ऐसे में आज का दिन धन अर्जित करने वाला होता है । आज  गंगा जल और बेल पत्र से शिव की आराधना और पूजन किया जाए तो धन की प्राप्ति होती है  ।
आज बाबा मंदिर का पाठ 4:15 पर खोला गया।  इसके बाद सरकारी पूजा पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुई।  जिला प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरकारी पूजा 5:15 तक संपन्न करा दी गई ।
देवघर डीसी कमलेश्वर प्रसाद सिंह देवघर एसडीओ विशाल सागर एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव मौके पर डटे रहे बाहरी यात्रियों और स्थानीय लोगों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध था पुजारियों को भी वीआईपी मार्ग से होकर सामाजिक दूरी का पालन करवाते हुए पूजा अर्चना करने दी गई ।
सुबह 7:00 बजे मंदिर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया देवघर डीसी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि मंदिर को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखा गया है और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सिर्फ यहां के पुजारियों को ही पूजा अर्चना करने के लिए सुबह 2 घंटे का समय दिया जाता है. इसके अलावा बाबा मंदिर के गर्भगृह से लाइव प्रसारण कर भक्तों को ऑनलाइन दर्शन कराए जा रहे हैं।

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