उत्तराखंड: बादल फटने से तबाही, एक पुल बहा, 2 महिलाओं की हुई मौत

बादल फटने के कारण आये मलबे से चमोली जिले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गोपेश्वर. चमोली जिले के घाट विकास खंड के पडेर गांव के निकट तिमदो तोक में आज तड़के और पिथौरागढ़ ज़िले के धारचूला और बंगापानी में बीती रात बारिश ने भारी तबाही मचाई है।दोनों जिलों में ही बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। बादल फटने के कारण आये मलबे से चमोली जिले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिथौरागढ़ जिले में एक महिला की मौत हो गई और बीआरओ द्वारा निर्मित एक पुल भी पानी के तेज बहाव में बह गया है।
बताया गया है कि तिमदो ताक में बादल फटने से हुए भूस्खलन के कारण आये मलबे से यहां बनी छानी में रह रही पडेर गांव निवासी 36 वर्षीय देवेश्वरी देवी पत्नी रघुवीर सिंह व उसकी 12 वर्षीय पुत्री इसकी चपेट में आ गये। मलबे में दबने से महिला की मौत हो गई जबकि बच्ची को घायलावस्था में घाट चिकित्सालय में भर्ती किया गया है।
बदरीनाथ हाइवे भी तीन स्थानों पर है बंद
आपदा परिचालन केंद्र से सूचना मिली है कि बदरीनाथ हाइवे पर पीपल कोटी के समीप भनेरपानी, टंगणी के पास पागल नाला व कहेड में भूस्खलन के कारण पहाड़ी से आये भारी बोल्डर व मलबे के कारण बाधित हो गया है। इसे खोलने की प्रक्रिया गतिमान है। जिले में हो रही भारी वर्षा के कारण अवरुद्ध मार्ग को खोलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रारम्भिक सूचनाओं के मुताबिक जनपद पिथौरागढ़ के तहसील बंगापानी के जाराजिबली में बीती रात एक बार फिर बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। तेज बारिश से आए पानी के साथ लोगो के घरों और खेत खलिहानों में मलबा घुस गया है। एक महिला रात से लापता है, जिसकी खोजबीन में स्थानीय लोग जुटे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिथौरागढ़ जिले में 19 जुलाई की रात बादल फटने की घटनाओं में कुल 14 लोग लापता बताए गए थे, जिनमें से गैला गांव में रेस्क्यू टीम ने तीन शव मलबे से बरामद किए थे और टांगा गांव में 9 शव मलबे से अब तक निकाले जा चुके हैं। दो लोगों की तलाश अब भी जारी है।

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