1 अगस्त से ऑटो इंश्योरेंस, मिनिमम बैलेंस जैसे नियमों में होगा बड़ा बदलाव

एक अगस्त 2020 से कैश इनफ्लो और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस पर चार्ज लगाने का ऐलान किया है। बैंकों में तीन मुफ्त लेनदेन के बाद शुल्क भी वसूला जाएगा।

नई दिल्ली. एक अगस्त 2020 से कई अहम बदलाव होने वाले हैं। आम आदमी से लेकर बैंक के ग्राहकों तक इसका सीधा असर पड़ेगा। एक अगस्त से बैंक लोन, ऑटो इंश्योरेंस, पीएम किसान स्कीम, बैंकों में मिनिमम बैलेंस जैसे नियमों में बदलाव होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल में बचत खाते पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। नई दरें एक अगस्त से लागू होंगी। अब सेविंग खाते एक लाख रुपये तक जमा पर 4.75 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। वहीं 1-10 लाख रुपयेे तक के जमा पर 6 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक के जमा पर 6.75  प्रतिशत ब्याज मिलेगा। एक अगस्त से लागू होने वाले आरबीआई के नियमों के अनुसार ग्राहक अब एक महीने एटीएम से 5 बार फ्री में कैश निकाल सकते है।

ई-कॉमर्स कंपनियों से लिए एक अगस्त से प्रोडक्ट का ओरिजन बताना जरूरी होगा। प्रोडक्ट कहां बना, किसने बनाया है। हालांकि, ज्यादातर कंपनियों ने पहले ही यह जानकारी देना शुरू कर दिया है। इनमें फ्लिपकार्ट, मिंट्रा और स्नैपडील जैसी कंपनियां शामिल हैं। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को एक अगस्त तक अपने न्यू प्रॉडक्ट लिस्टिंग के कंट्री ऑफ ओरिजन अपडेट करने के लिए कहा है।

भारतीय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण  खस्ताहाल ऑटो उद्योग में नई जान फूंकने के लिए इस एक अगस्त से मोटर व्हीकल इंश्योरेंस में बदलाव करने जा रही है। इससे नई कार या बाइक खरीदना थोड़ा सस्ता हो सकता है। ईरडा के मुताबिक, लंबी अवधि के पैकेज पॉलिसी के कारण नया वाहन खरीदना लोगों के लिए मंहगा साबित होता है। एक अगस्त के बाद आपको ऑटो इंश्योरेंस के ऊपर कम पैसे खर्च करने होंगे। ईरडा के निर्देशों के मुताबिक एक अगस्त से नई कार खरीदने वालों को 3 और 5 साल के लिए बीमा लेने के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा।

एक अगस्त 2020 से कैश इनफ्लो और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस पर चार्ज लगाने का ऐलान किया है। बैंकों में तीन मुफ्त लेनदेन के बाद शुल्क भी वसूला जाएगा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अपनी नई गाइडलाइन में कहा है कि बचत खाता  वालों को मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस 2,000 रुपये रखने होंगे, जो पहले 1,500 रुपये था।कम बैलेंस होने पर बैंक मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में 75 रुपये,  अर्ध-शहरी क्षेत्र में 50 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 20 रुपये हर महीने शुल्क लेगा।

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