MP: चार दिन से जिला अस्पताल में भर्ती मरीज, न हुई जांच और न ही हुआ इलाज

कोरोना संक्रमण काल में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं व व्यवस्थाएं ठीक होने के बजाए लगातार बिगड़ती ही चली जा रही हैं।

गुना।। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत की नजीर एक बार फिर से सोमवार को उस समय देखने को मिली, जब वार्ड में भर्ती घायलों के परिजनों की शिकायत पर पंचायत मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया को खुद ही जिला अस्पताल जाना पड़ा। यहां वार्ड में प्रवेश करने से पहले ही जो दृश्य उन्होंने देखा उसे देखकर वह कहने लगे कि तुम लोगों ने अस्पताल का क्या हाल बना रखा है। ऐसी लापरवाही बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी। सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों से जब पंचायत मंत्री ने इलाज के संबंध में जानकारी ली तो हर मरीज इलाज में लापरवाही की शिकायत करता हुआ नजर आया। जिस पर उन्होंने सीएमएचओ को मरीजों का उचित उपचार करने व गंभीर घायलों को रैफर करने के निर्देश दिए।

सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही हैं व्यवस्थाएं–

कोरोना संक्रमण काल में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं व व्यवस्थाएं ठीक होने के बजाए लगातार बिगड़ती ही चली जा रही हैं। जबकि इस समय लोगों को सरकारी अस्पताल में उचित उपचार की बहुत जरुरत है। क्योंकि कोरोना व लॉकडाउन की वजह से अधिकांश लोग गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि गरीब व जरुरतमंद लोगों को सरकारी अस्पताल में उचित उपचार मिल जाए तो उन्हें काफी मदद मिलेगी।

जांच में फ्रेक्चर फिर भी चार दिन बाद भी इलाज नहीं–

बमोरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम परात व बरोदिया के बीच छह दिन पहले ट्रेक्टर ट्रॉली व बाइक सवारों के बीच दुर्घटना हुई। जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जो इस समय जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं। घायल रामकृष्ण सहरिया ने बताया कि उसके साथ बाइक पर रुपेश सहरिया भी बैठा था। ट्रैक्टर ट्रॉली को ओवरटेक करते समय ट्रॉली की चपेट में आने के बाद वह सडक़ पर गिरकर बेहोश हो गए थे।

घटनास्थल के नजदीक स्थित खेत पर काम करने वाले ग्रामीणों की मदद से उन्हें घर पहुंचाया गया। जहां से उन्हें सबसे पहले बमोरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दो दिन बाद उन्हें जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। तब से लेकर अब तक जिला अस्पताल में चार दिन हो चुके हैं। दो दिन बाद एक्स.रे कराया, जिसमेें फ्रेक्चर भी बता दिया लेकिन इसके बाद न कच्चा प्लास्ट चढ़ाया और न पक्का। दर्द के मारे बुरा हाल है। लेकिन कोई गोली तक नहीं दी। स्टाफ कहा तो वह कहने लगे कि अभी नर्स की कमी है। न तो हमें डिस्चार्ज कर रहे और न रैफर।

मरीजों की मदद करने वाला व्यक्ति सहरिया संगठन का एक पदाधिकारी है। जिसने इन मरीजों की हालत देखने के बाद पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को फोन पर जानकारी दी। जिसके बाद ही मंत्री सोमवार को अचानक से जिला अस्पताल पहुंच गए।

मंत्री सिसौदिया ने बमोरी विधानसभा क्षेत्र के घायलों के अलावा अन्य मरीजों से भी बात की। जिसके बाद सीएमएचओ डॉ पुरुषोत्तम आरएमओ डॉ सुधीर राठौर तथा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ योगेश द्विवेदी से कहा कि जिन मरीजों का इलाज यहां संभव नहीं है उन्हें भोपाल व ग्वालियर रैफर किया जाए। यदि निजी अस्पताल में भेजने की जरूरत पड़े तो वहां भी भेज दिया जाए। हर हाल में गरीबों को इलाज मिलना चाहिए।

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