मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव: शुक्रवार को जारी होगी अधिसूचना

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए विधिवत अधिसूचना शुक्रवार सुबह जारी होगी और इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगा।

भोपाल।। मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम जारी हो चुका है। इन क्षेत्र में आगामी तीन नवम्बर को मतदान होगा और 10 नवम्बर को मतगणना के साथ परिणाम घोषित किये जाएंगे। प्रदेश की इन 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए शुक्रवार, 09 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी और इसके साथ ही नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो कि आगामी 16 अक्टूबर तक चलेगा।

 

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए विधिवत अधिसूचना शुक्रवार सुबह जारी होगी और इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगा। उम्मीदवार आगामी 16 अक्टूबर तक अपना नाम निर्देशन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद अगले दिन 17 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर है।

सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवम्बर को मतदान होगा, जबकि 10 नवम्बर को मतगणना होगी और इसी दिन उपचुनाव के नतीजे घोषित किये जाएंगे। इस बार उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन भी दाखिल कर सकते हैं। डोर टू डोर कैंपेन में प्रत्याशी के साथ 5 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। उपचुनाव में कोरोना मरीज भी वोट डालेंगे। चुनाव आयोग इसकी भी व्यवस्था करेगी। चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल होगा।

उपचुनाव के नतीजों से तय होगा सरकार का भविष्य–

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश का यह उपचुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके नतीजों से यह तय होगा कि प्रदेश में किसकी सरकार होगी। दरअसल, पिछले विधानसभा चुनाव में कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनी थी, लेकिन इसी साल मार्च में कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा इस्तीफा देने से कांग्रेस की सरकार बन गई और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार आ गई।

प्रदेश की 230 सीटों वाली विधानसभा में फिलहाल भाजपा के 107, कांग्रेस के 88, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 116 है। इसमें 28 सीटें रिक्त होने के बाद संख्याबल के आधार पर प्रदेश में फिलहाल भाजपा की सरकार है, लेकिन रिक्त सीटों में 25 पर कांग्रेस के विधायक रहे हैं, जो अपनी विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा में आए हैं। उपचुनाव के बाद किसी भी दल को सत्ता में बने रहने के लिए 116 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। बाजपा को सत्ता में बने रहे के लिए नौ और कांग्रेस को 28 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए जोर लगा रही हैं।

इन सीटों पर होंगे उपचुनाव–

जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद और तीन सीटें विधायकों के निधन से खाली हैं। इनमें सुमावली, मुरैना, दिमनी अंबाह, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, डबरा, भांडेर, करेरा, पोहरी, बामोरी, अशोकनगर, मुंगावली, सुरखी, सांची, अनूपपुर, सांवेर, हाटपिपल्या, सुवासरा, बदनावर, आगर-मालवा, जौरा, नेपानगर, मलहारा, मंधाता और ब्यावरा शामिल है।

वहीं, कांग्रेस ने अब तक 27 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इनमें दिमनी से रविन्द्र सिंह तोमर, भांडेर से फूलसिंह बरैया, अम्बाह से सत्यप्रकाश सिकरवार, गोहद से मेवाराम जाटव, अशोकनर से आशा दोहरे, आगरमालवा से विपिन वानखेड़े, सांवेर से प्रेमचंद्र गुड्डू, नेपानगर से रामसिंह पटेल, हाटपिपल्या से राजवीर सिंह बघेल, अनूपुर से विश्वनाथ सिंह, सांची से मदनलाल चौधरी, बमोरी से कन्हैयालाल अग्रवाल, करेरा से प्रागीलाल जाटव, डबरा से सुरेश राजा, ग्वालियर मध्य से सुनील शर्मा, जौरा से पंकज उपाध्याय, सुमावली से अजब कुशवाहा, ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार, पोहरी से हरिबल्लभ शुक्ला, मुंगावली से कन्हैयालाल लोधी, सुरखी से पारुल साहू, मांधाता से उत्तम राज सिंह, बदनावर से कमल पटेल, सुवासरा से राकेश पाटीदार, मुरैना से राकेश मवई, मेहगांव से हेमंत कटारे और मलेहरा से रामसिया त्रिपाठी शामिल हैं। व्याबरा सीट से अभी उम्मीदवार घोषित होना बाकी है।

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