CM ने उत्तराखंड में कोरोना पर प्रभावी रोकथाम के लिए जन जागरुकता मुहिम तेज करने के दिए दिशा- निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर घरों के दरवाजों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, कार्यालयों, वाहनों में कोरोना से जागरुकता के लिए स्टीकर लगाये जाएं।

उत्तराखंड।। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को यहां सचिवालय में कोरोना की रोकथाम एवं बचाव कार्यों की बैठक में अधिकारियों का निर्देश दिए कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरुकता अभियान में और तेजी लाई जाए। इस अवसर पर उन्होंने कोरोना जाॅच परिणाम के लिए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारम्भ भी किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर घरों के दरवाजों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, कार्यालयों, वाहनों में कोरोना से जागरुकता के लिए स्टीकर लगाये जाएं। इसके लिए जन प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं एनजीओ से सहयोग लिया जाए। प्रदेश में पर्यटन की गतिविधियों में तेजी आई है एवं त्योहारों का सीजन भी शुरू होने वाला है। इसके दृष्टिगत मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग एवं स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। इसके लिए बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान चलाया जाए। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना उद्देश्य होना चाहिए। जिन लोगों के मास्क के उपयोग न करने पर चालान किए जा रहे हैं, उन्हें मास्क जरूर उपलब्ध कराए जाएं। सीनियर डाॅक्टर कोरोना के मरीजों को दिन में कितनी बार चेकअप कर रहे हैं, इसकी नियमित माॅनिटरिंग की जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोरोना जांच परिणाम के लिए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारम्भ किया। टेस्ट कराने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विभाग, उत्तराखंड के कोरोना मैनेजमेंट पोर्टल http//covid19.uk.gov.in पर जाकर टेस्ट के समय प्राप्त SRFID एवं रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। यह पोर्टल उत्तराखण्ड एनआईसी द्वारा बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना पर नियंत्रण हुआ है, लेकिन यह समय और अधिक सतर्कता बरतने का है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के अनुसार सभी मानकों का पालन सुनिश्चित हो। त्योहारों के सीजन में पुलिस की भूमिका और अधिक बढ़ जाएगी। इसके लिए पुलिस फोर्स, होमगार्ड, पीआरडी आदि की समुचित व्यवस्था की जाए। पर्यटक स्थलों पर भी फोर्स की पर्याप्त संख्या हो।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि जन जागरुकता एवं संवेदनशील प्रशासन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हमने अभी तक जो प्रयास किये हैं, उनमें क्या सुधार की आवश्यकता है, किन मामलों में शिकायतें आयी हैं, इसके समाधान के लिए हमारे द्वारा क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इसका पूरा विश्लेषण कर कार्य करना जरूरी है। आयुष विभाग द्वारा प्री कोरोना एवं पोस्ट कोरोना के लिए जो आयुष किट एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं, वह लोगों तक पर्याप्त मात्रा में पहुंचे और इसका प्रसार भी अधिक हो। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगर कोई मामला ऐसा आता है कि अनधिकृत डाॅक्टरों द्वारा मरीजों को दवा दी जा रही है, तो उन पर सख्त कारवाई की जाए। ट्रू-नाॅट टेस्टिंग बढ़ाई जाए।

सचिव (स्वास्थ्य) अमित नेगी ने कहा कि जिलों में कोरोना कन्ट्रोल रूम मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित जो भी काॅल प्राप्त हो रही हैं, उनका शीघ्र समाधान किया जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को स्वास्थ्य किट शीघ्र उपलब्ध हो। कोरोना केयर सेंटरों में स्वच्छता, सेनिटाइजेशन, खान-पान एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू हों। यह सुनिश्चित किया जाए कि सैंपल पैडेंसी न हो। एंटीजन टेस्ट में सिम्पटोमैटिक पाये जाने वालों को आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर करवाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजी लाॅ ऐंड ऑर्डर अशोक कुमार, सचिव आरके सुधांशु, नितेश झा, एसए मुरूगेशन, आईजी संजय गुन्ज्याल, महानिदेशक सूचना डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ. अमिता उप्रेती एवं वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं सीएमओ उपस्थित रहे।

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