शिया समुदाय ने ईद ए ज़हरा मनाई, काले कपड़े का लिबास भी बदला

समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर लजीज पकवान बनाए और एक दूसरे को गले लगाने से बचते हुए कोविड प्रोटोकाल का पालन कर ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी।

वाराणसी।। शिया समुदाय ने मंगलवार की शाम ईद ए ज़हरा और इमाम ज़माना के ताजपोशी में ख़ुशियां मनाईं। दो महीना आठ दिन गम (मोहर्रम ) मनाने के बाद समुदाय के लोगों ने काले लिबास को त्याग कर सामान्य कपड़ा पहना।

समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर लजीज पकवान बनाए और एक दूसरे को गले लगाने से बचते हुए कोविड प्रोटोकाल का पालन कर ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी।

शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि पर्व पर नजराने अकीदत पेश किया गया । आज ही के दिन इमाम हुसैन का कातिल मारा गया था। उसके मारे जाने के बाद इमाम हुसैन का कुनबा पहली बार कर्बला में हुए जुल्म के बाद मुस्कुराया। इसके अलावा इमाम जमाना की आज ही के दिन ताजपोशी की गई थी। एक साथ तीन खुशियां हैं। इसीलिए शिया समुदाय इस दिन को ईद की तरह मानता है।

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