अयोध्या: श्रीराम मंदिर 1000 वर्ष तक सुरक्षित चाहते हैं ट्रस्ट के पदाधिकारी

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर के आयु को लेकर निर्माण कर रही संस्था एलएनटी से लिखित गारंटी चाहती है।

अयोध्या।। भव्य एवं दिव्य राम मंदिर निर्माण की कवायद चल रही है। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक शनिवार को निर्माणकारी संस्था एलएनटी के अधिकारी के साथ हुई। मन्दिर के आयु को लेकर गहन मंथन किया गया। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के नेतृत्व में इंजीनियरों संग दो दिन से बैठक चल रही।

बैठक में लिए गए निर्णय को गोपनीय रखा गया है। हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर के आयु को लेकर निर्माण कर रही संस्था एलएनटी से लिखित गारंटी चाहती है। ट्रस्ट ने पहले भी कहा था कि मंदिर ऐसा बनाएंगे कि उसकी आयु 1000 वर्ष तक हो। गारंटी मांगने के बाद एलएनटी के अधिकारी पशोपेश में है। जिसको लेकर निर्माण समिति के चेयरमैन ने अयोध्या पहुंचकर एलएनटी के अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में टाटा कंसलटिंग इंजीनियर्स लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हुए। निर्माण समिति की बैठक में टाटा के इंजीनियर शामिल होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राम मंदिर निर्माण में टाटा कंसलटिंग इंजिनियर्स का सहयोग लिया जा सकता है।

ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि टाटा कंसलटिंग इंजिनियर्स की अधिकारियों ने अपनी बात रखी है। प्रेजेंटेशन दिया है। उनकी बात समझने की कोशिश की जा रही है। हालांकि बैठक में अंदरूनी क्या निर्णय लिए गए इस पर किसी ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि राम मंदिर को लेकर हाल फिलहाल राम मंदिर निर्माण का कार्य रोक दिया गया है। हालांकि शुक्रवार की बैठक में मौजूद रहे ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया था कि जो टेस्टिंग पिलर बनाए गए हैं उनकी मजबूती की रिपोर्ट आईआईटी चेन्नई से अभी नहीं आई है। उस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

बैठक में राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज व सदस्य अनिल मिश्रा के साथ अन्य लोग भी शामिल हुए। ये माना जा रहा कि टेस्टिंग पिलर की रिपोर्ट जैसे ही पास होती है शेष सभी 1200 पिलर्स का काम तेजी पकड़ लेगा। फिलहाल बैठक की रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है।

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