आज कैंसर जागरुकता दिवस पर आयोजित होंगे जन जागरुकता कार्यक्रम

भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि हर साल देश में 07 नवम्बर को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया जाता है।

भोपाल।। हर साल की तरह इस बार भी आज (शनिवार) राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और विभिन्न प्रकार की जागरुकता गतिविधियों के माध्यम से आम लोगों को कैंसर रोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि हर साल देश में 07 नवम्बर को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया जाता है। इस बार कोरोना के चलते बड़े कार्यक्रम नहीं होंगे, लेकिन छोटे आयोजनों के माध्यम से लोगों में कैंसर के प्रति जागरुकता लाने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि कैंसर, एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही लोगों के मन में कई तरह के ख्याल आने लगते हैं। कैंसर के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भारत में भी यह रोग तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है। कैंसर के उपचार की व्यवस्था जटिल होती है। इस बीमारी से लड़ने का सबसे मजबूत तरीका है, इसके बारे में जागरुकता और जल्द से जल्द इसकी पहचान होना। सही समय पर इलाज कर इससे बचा जा सकता है। जल्दी पहचान और उपचार से कैंसर ठीक हो सकता है।

कैंसर के लक्षण–

शरीर के किसी भी अंग में घाव या नासुर का हो जाना, लंबे समय से शरीर के किसी अंग में दर्दरहित गांठ या सूजन, स्तन में गांठ का होना, मल-मूत्र, उल्टी, थूंक में खून का आना, आवाज में बदलाव, निगलने में दिक्कत, तेज गति से वजन का कम होना, कमजोरी महसूस होना, खून की कमी होना।

कैंसर होने के संभावित कारण–

धूम्रपान से मुंह, फेफड़े, गले, पेट, मूत्राशय का कैंसर होने की संभावना रहती है। तंबाकू, गुटखा, पान, सुपारी के सेवन से मुंह, जीभ, खाने की नली, पेट, गले, गुर्दे का कैंसर होने की संभावना रहती है। शराब के सेवन से श्वांस नली, भोजन नली व तालू का कैंसर होने की संभावना रहती है।

कैंसर से बचाव–

धूम्रपान, तंबाकू, सूपारी, गुटखा, चूना, पान-मसाला, शराब आदि का सेवन न करें। विटामिनयुक्त हरे पत्ते वाली सब्जियां, फल, अनाज, दालें जैसे पौष्टिक भोजन का सेवन करें। कीटनाशक एवं खाद्य संरक्षण रसायन से युक्त भोजन धोकर खाएं। अधिक तले-भुने, बार-बार गर्म किए हुए, तेल से बने हुए भोज्य का सेवन न करें। अपने वजन पर नियंत्रण रखें। नियमित व्यायाम करें, प्रदूषणरहित वातावरण में रहें।

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