काली पूजा की रात आतिशबाजी का असर, प्रदूषित हुई इस महानगर की हवा

डब्ल्यूबीपीसीबी अधिकारी ने बताया कि उत्तर कोलकाता में रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय परिसर में स्वचालित वायु निगरानी स्टेशन ने रविवार रात 8 बजे प्रदूषण लेवल 287 (पीएम 2.5) पर रिकॉर्ड किया जबकि शनिवार को यह 226 पर था।

कोलकाता।। पश्चिम बंगाल में दीपावली के बाद वाली रात मनाई जाने वाली काली पूजा पर राजधानी कोलकाता समेत पूरे राज्य में जमकर आतिशबाजी की गई। इसका असर यह हुआ है कि राजधानी कोलकाता समेत पूरे राज्य में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। दीपावली वाले दिन कोलकाता में लोगों ने समझदारी दिखाई थी और बहुत कम संख्या में आतिशबाजी हुई थी। इस वजह से वायु गुणवत्ता में बहुत अधिक कमी नहीं आई थी लेकिन उसके बाद वाली रात आतिशबाजी ने हवा की गुणवत्ता को सामान्य से अधिक खराब कर दिया है।

डब्ल्यूबीपीसीबी अधिकारी ने बताया कि उत्तर कोलकाता में रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय परिसर में स्वचालित वायु निगरानी स्टेशन ने रविवार रात 8 बजे प्रदूषण लेवल 287 (पीएम 2.5) पर रिकॉर्ड किया जबकि शनिवार को यह 226 पर था। प्रदूषण लेवल को 50 पर सामन्य माना जाता है और इसके अधिक होने पर यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो जाता है। रविवार को दक्षिण कोलकाता में बल्लीगंज में लेवल 187, शहर के मध्य भाग में विक्टोरिया में 186 और पूर्वी कोलकाता के बिधान नगर में 146 था। शनिवार को दिवाली की शाम, उन तीन स्थानों पर यह क्रमशः 142, 115 और 151 था।

अधिकारी ने बताया कि रबींद्र भारती विश्वविद्यालय में मापा गया प्रदूषण लेवल 2019 में काली पूजा और दिवाली की शाम को 700 से ऊपर था। राज्य प्रदूषण निगरानी विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि इस बार लोगों ने आतिशबाजी को लेकर समझदारी दिखाई जिसकी वजह से प्रदूषण लेबल पिछले साल की तुलना में कम खतरनाक रहा है।

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