Prabhat Vaibhav, Digital Desk : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साल 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए बिसात बिछानी शुरू कर दी है। दादरी में 'समाजवादी समानता भाईचारा सम्मेलन' की सफलता के बाद अब अखिलेश यादव का अगला पड़ाव गाजियाबाद है। आगामी 25 अप्रैल को अखिलेश यादव गाजियाबाद में किसानों के साथ सीधा संवाद करेंगे। यह दौरा सपा की महत्वाकांक्षी मुहिम 'विजन इंडिया' का हिस्सा है, जिसके जरिए पार्टी पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी पैठ को और मजबूत करना चाहती है।
'विजन इंडिया' के जरिए किसानों का दिल जीतने की कोशिश
अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी इस नई मुहिम का खाका पेश किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 'विजन इंडिया' का यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं को समझना और उनके सुझावों को सीधे पार्टी के एजेंडे में शामिल करना है। गाजियाबाद के इस कार्यक्रम में खाद-बीज का संकट, फसलों पर मौसम की मार, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खेती की बढ़ती लागत जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी।
एआई (AI) और आधुनिक खेती पर विशेषज्ञों से मंथन
दिलचस्प बात यह है कि इस बार समाजवादी पार्टी सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहना चाहती। इस संवाद कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों को भी आमंत्रित किया गया है। चर्चा का एक बड़ा हिस्सा 'कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग' होगा। अखिलेश यादव इस दौरान विशेषज्ञों से राय लेंगे कि कैसे आधुनिक तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है और खेती को घाटे के सौदे से बाहर निकाला जा सकता है।
2027 के चुनावी घोषणापत्र की तैयार होगी नींव
माना जा रहा है कि गाजियाबाद में होने वाले इस किसान संवाद में जो भी मुद्दे उभरकर सामने आएंगे, उन्हें समाजवादी पार्टी अपने आगामी 2027 के चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) का आधार बनाएगी। गन्ना बेल्ट और आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं पर विशेष फोकस रहने वाला है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो जयंत चौधरी के एनडीए में जाने के बाद पश्चिम यूपी में जो खाली जगह बनी है, अखिलेश यादव उसे 'किसान कार्ड' खेलकर भरना चाहते हैं।
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