Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तराखंड के चमोली जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। शुक्रवार को गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे पर दिलो बैंड के पास भारतीय सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में वाहन सवार दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि वहां से गुजर रहे स्थानीय युवाओं की नजर टूटे हुए पुश्ते पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला।
टूटा बैरियर देख हुआ हादसे का शक
हादसे का पता तब चला जब चोपता में रिजॉर्ट चलाने वाले प्रदीप रमोला अपने साथियों राहुल और अजय पंवार के साथ सामान लेने गोपेश्वर आ रहे थे। दिलो बैंड के पास हाईवे पर टूटा हुआ बैरियर और पुश्ता देखकर उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। जब उन्होंने वाहन से उतरकर नीचे खाई में झांका, तो वहां सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त पड़ा था और पास ही दो जवान लहूलुहान हालत में थे।
नेटवर्क की समस्या, खुद शुरू किया रेस्क्यू
प्रदीप रमोला ने बताया कि मौके पर मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण वे पुलिस या एम्बुलेंस से संपर्क नहीं कर सके। समय बर्बाद न करते हुए तीनों युवक खुद खाई में उतरे और जख्मी जवानों को सहारा देकर मुख्य सड़क तक लेकर आए। इसके बाद उन्होंने अपने निजी वाहन से ही घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया।
एक जवान की हालत गंभीर, देहरादून रेफर
जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद एक जवान की नाजुक स्थिति को देखते हुए सेना के अधिकारियों को सूचित किया गया। सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल जवान को हेलीकॉप्टर के जरिए सैन्य अस्पताल (MH) देहरादून भेजा। दूसरे जवान का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सेना ने जताया आभार
हादसे की खबर मिलते ही सेना के अधिकारी और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सैन्य अधिकारियों ने स्थानीय युवाओं—प्रदीप, राहुल और अजय की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की, जिन्होंने बिना समय गंवाए जवानों को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण वाहन का अनियंत्रित होना माना जा रहा है।
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