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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को तेज किया जा रहा है। यहां करीब 400 वाहनों की क्षमता वाला पार्किंग स्थल तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही कैंची धाम क्षेत्र को मेडिटेशन स्थल और ईको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

शुक्रवार को पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने जिले के अधिकारियों के साथ कैंची धाम में चल रहे विकास कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को लेकर लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल के प्रवेश और निकासी द्वार में बदलाव किया जाना है, ऐसे में इसकी पूरी योजना स्पष्ट होनी चाहिए और काम समय पर पूरा किया जाए।

पर्यटन सचिव ने यह भी कहा कि कैंची धाम के आसपास वन भूमि मौजूद है, जिसे वन विभाग के माध्यम से ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटन को सुव्यवस्थित करने के लिए पार्किंग के साथ-साथ स्वच्छता, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

कैंची धाम से गरमपानी की ओर जाने वाले मार्ग पर लोक निर्माण विभाग का एक अतिथि गृह भी स्थित है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस स्थान का उपयोग श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए किया जाए और यहां से मंदिर तक शटल सेवा संचालित की जाए, जिससे यातायात का दबाव कम हो सके।

पर्यटन सचिव ने बताया कि कैंची धाम की धारण क्षमता को लेकर लगातार अध्ययन किया जा रहा है। वाहनों की संख्या पर नजर रखने के लिए ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाने की भी योजना है। अन्य सुविधाओं को लेकर भी प्राथमिकता के आधार पर काम जारी है।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जानकारी दी कि कैंची धाम में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में अपर निदेशक मनोज पंत, गजेंद्र चौहान, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।