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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव के लिए कानूनी मोर्चे से एक सुकून भरी खबर सामने आई है। करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में फंसे अभिनेता को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। बुधवार, 18 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव की अंतरिम जमानत को अब 1 अप्रैल, 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे पहले कोर्ट ने उन्हें फरवरी में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम राहत दी थी, जिसकी मियाद आज खत्म हो रही थी। कोर्ट के इस नए आदेश के बाद अब अभिनेता को फिलहाल जेल नहीं जाना होगा।

अदालत ने वकील को दिए मुख्य याचिका पर दलील के निर्देश

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के वकील को अगली तारीख पर मुख्य याचिका (Main Petition) पर विस्तार से दलीलें पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया है। बता दें कि राजपाल यादव ने सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर रखी है, जिस पर अदालत विचार कर रही है। पिछली सुनवाइयों के दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव के बार-बार वादे तोड़ने पर नाराजगी जताई थी, लेकिन हाल ही में उनके द्वारा की गई कुछ राशि की अदायगी के बाद अदालत के रुख में थोड़ी नरमी देखी गई है।

क्या है पूरा मामला? 9 करोड़ की देनदारी का विवाद

राजपाल यादव का यह कानूनी विवाद साल 2010 से जुड़ा है, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए दिल्ली स्थित एक कंपनी 'मुरली प्रोजेक्ट्स' से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद वह कर्ज चुकाने में नाकाम रहे और उनके द्वारा दिए गए सात चेक बाउंस हो गए। ब्याज और जुर्माने के साथ यह रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में ऊपरी अदालतों ने भी बरकरार रखा।

फरवरी में किया था सरेंडर, फिर मिली थी राहत

इस साल फरवरी की शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद उनके वकील ने परिवार में भतीजी की शादी का हवाला देते हुए और 1.5 करोड़ रुपये की किश्त जमा करने का भरोसा दिलाते हुए अंतरिम जमानत की गुहार लगाई थी। तब कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक की राहत दी थी। अब 1 अप्रैल तक जमानत बढ़ने से राजपाल यादव को अपने बकाया भुगतान के इंतजाम और कानूनी लड़ाई को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।