Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले 594 किलोमीटर लंबे 'गंगा एक्सप्रेसवे' (Ganga Expressway) के उद्घाटन की तारीख तय हो गई है। 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई में एक भव्य समारोह के दौरान इस एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने ही शाहजहांपुर में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था और अब उद्घाटन के लिए हरदोई को चुना गया है। जिले की बिलग्राम तहसील के सलेमपुर गांव को मुख्य आयोजन स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां पीएम मोदी एक विशाल जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं।
सुरक्षा का खास इंतजाम: अब झपकी नहीं बनेगी काल
गंगा एक्सप्रेसवे को न केवल रफ्तार बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी दुनिया के बेहतरीन एक्सप्रेसवे की तर्ज पर बनाया गया है। इसमें हादसों को रोकने के लिए कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं:
रंबल स्ट्रिप (Rumble Strips): एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह उभरी हुई पट्टियां लगाई गई हैं। जैसे ही कोई वाहन इन पर से गुजरेगा, तेज कंपन (Vibration) और आवाज पैदा होगी। इससे यदि चालक को थकान या नींद की झपकी आ रही होगी, तो वह तुरंत सतर्क हो जाएगा।
स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम: वाहनों की गति पर 24 घंटे नजर रखने के लिए आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं, ताकि ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाले हादसों को टाला जा सके।
आठ लेन तक विस्तार: वर्तमान में यह 6-लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
आधुनिक सुविधाएं: सफर होगा आसान
यूपीडा (UPEIDA) ने इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है:
ट्रामा सेंटर: आपात स्थिति या दुर्घटना होने पर त्वरित इलाज के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे एडवांस ट्रामा सेंटर स्थापित किए गए हैं।
कैफेटेरिया और विश्राम गृह: लंबी यात्रा के दौरान थकान मिटाने के लिए यात्रियों को आधुनिक कैफेटेरिया और रेस्ट एरिया की सुविधा मिलेगी।
हवाई पट्टी: शाहजहांपुर के पास एक्सप्रेसवे पर एक हवाई पट्टी (Airstrip) भी बनाई गई है, जिसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा।
हरदोई के लिए गौरव का क्षण
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे अधिक लंबाई हरदोई जिले में ही है, यही वजह है कि उद्घाटन समारोह के लिए इसी जिले को चुना गया है। बुधवार सुबह से ही प्रशासन के आला अधिकारी सलेमपुर में हेलीपैड और मंच निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण कर रहे हैं। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर अब मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा।
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