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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड में ठंड और कोहरे की स्थिति लगातार बनी हुई है। धर्मनगरी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी ने आम लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। रविवार को पूरे दिन बर्फीली हवाएं चलती रहीं और सूर्य की रोशनी का आनंद लेना मुश्किल हो गया।

लोग अलाव और हीटर के सहारे ठंड को दूर भगाने की कोशिश करते दिखे। घने कोहरे के चलते हाईवे और संपर्क मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। ट्रेन और बस सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

उत्तर भारत में इस समय शीतलहर और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। मौसम के तेज तेवर के कारण फिलहाल राहत की संभावना नहीं दिख रही है।

हरिद्वार में मौसम की स्थिति

रविवार को हरिद्वार घने कोहरे में डूबा रहा। हाईवे और संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और दिन में भी वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ी। ठंड को कम करने के लिए लोग अलाव के पास खड़े दिखे। बाजारों में अपेक्षित भीड़ नहीं रही, जिससे दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे।

हालांकि फास्ट फूड कार्नरों में हलचल रही। गरम सूप, चाऊमीन और अन्य व्यंजनों का आनंद लेने वाले लोग देखे गए। बेधशाला के अनुसार रविवार को हरिद्वार में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 21.0 और 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हरिद्वार का तापमान

दिनांकअधिकतम (°C)न्यूनतम (°C)
27 दिसंबर20.57.5
26 दिसंबर14.56.4
25 दिसंबर16.56.5
24 दिसंबर14.010.0

अलाव और राहत के इंतजाम

हरिद्वार में ठंड से सबसे अधिक असर बेघर और गरीबों पर पड़ा। नगर निगम प्रशासन ने दावा किया था कि नगर क्षेत्र में 30 स्थानों पर अलाव जलाए जाएंगे, लेकिन रविवार को हरिद्वार और ज्वालापुर के 21 स्थानों पर ही अलाव की व्यवस्था हुई।

हरकी पैड़ी, रेलवे स्टेशन और बस अड्डा जैसे प्रमुख स्थानों पर अलाव जलने से लोगों को तुरंत राहत मिली। हाथी पुल रैन बसेरे सहित महिला रैन बसेरे के बाहर अलाव की व्यवस्था ने भी जरूरतमंदों को ठंड से राहत दी।

हीटर, ब्लोअर और गर्म कपड़ों की बढ़ी मांग

ठंड के चलते हीटर, ब्लोअर और गर्म कपड़ों की बिक्री में तेज़ी देखी गई। दुकानों ने स्कीम और सेल ऑफर लगाए, वूलन मेला भी आयोजित किया गया, जहां लोग जमकर गर्म कपड़े खरीदते नजर आए।

नौनिहालों और बुजुर्गों पर ठंड का असर

कड़ाके की ठंड से लोग बीमार पड़ रहे हैं। खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं। नौनिहालों पर ठंड का असर सबसे अधिक देखा गया।

महिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप निगम ने बताया कि बच्चों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है। खान-पान और साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।