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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : राजधानी लखनऊ की वृंदावन कॉलोनी (सेक्टर-5) में सोमवार रात एक भीषण अग्निकांड में करीब 50 लाख रुपये की नई बस जलकर खाक हो गई। इग्नू कार्यालय और सब्जी मंडी के बीच हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की सूझबूझ से वहां खड़ी आधा दर्जन अन्य बसों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।

सब्जी मंडी में मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस स्थान पर बसें खड़ी थीं, ठीक वहीं पास में सब्जी बाजार लगा हुआ था। रात के समय बड़ी संख्या में दुकानदार और खरीदार वहां मौजूद थे। जैसे ही बस से आग की लपटें उठीं, लोगों में भगदड़ मच गई।

11,000 वोल्ट के तार बने काल!

आग लगने का मुख्य कारण हाईटेंशन लाइन को माना जा रहा है:

जर्जर तार: बस के ठीक ऊपर से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजर रही है। लोगों का कहना है कि ये तार काफी जर्जर हैं।

खंभे पर झाड़ियां: पास के बिजली के खंभे पर सूखी बेल और झाड़ियां लिपटी हुई थीं। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और उससे निकली चिंगारी बस पर गिर गई, जिससे आग लग गई।

अगले ही दिन थी पहली बुकिंग

बस मालिक संजय कुमार यादव के लिए यह बड़ा आर्थिक झटका है। बताया जा रहा है कि:

यह बस कुछ ही दिन पहले 50 से 55 लाख रुपये में खरीदी गई थी।

सबसे दुखद बात यह है कि अगले ही दिन बस की पहली कमर्शियल बुकिंग तय थी, लेकिन उससे पहले ही वह कबाड़ में तब्दील हो गई।

स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी

हादसा और भी बड़ा हो सकता था, क्योंकि वहां कई बसें एक साथ खड़ी थीं।

धक्का देकर बचाई बसें: स्थानीय लोगों ने तुरंत साहस दिखाया और वहां खड़ी अन्य बसों को धक्का देकर आग की लपटों से दूर किया।

फायर ब्रिगेड की कार्रवाई: सूचना मिलते ही पीजीआई फायर स्टेशन से चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

रिहायशी इलाके में पार्किंग पर उठे सवाल

हादसे के बाद वृंदावन कॉलोनी के निवासियों में आक्रोश है। लोगों ने बाजार और रिहायशी क्षेत्र के बीच बसों की अवैध पार्किंग पर सवाल उठाए हैं। पीजीआई फायर स्टेशन के एफएसओ मामचंद बडगूजर ने बताया कि प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट ही आग का कारण लग रहा है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।