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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बॉलीवुड फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म को जातिसूचक बताते हुए इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मायावती का कहना है कि इस तरह की फिल्मों से ब्राह्मण समाज की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे समाज में रोष फैल रहा है।

दरअसल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर पहले से ही सवर्ण समाज, खासकर ब्राह्मणों में नाराजगी देखी जा रही थी। ऐसे समय में फिल्म का टीजर सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया। देश के कई हिस्सों में फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है कि अब फिल्मों के जरिए भी ‘पंडित’ शब्द को नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है। इससे पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान हो रहा है, जिसकी बसपा कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस तरह की जातिसूचक फिल्म पर तुरंत रोक लगाई जाए।

वहीं दूसरी ओर, इस मुद्दे पर भाजपा भी असहज नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म से जुड़े लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देकर ब्राह्मण समाज के साथ खड़े होने का संकेत दिया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मायावती का यह कदम महज फिल्म विरोध तक सीमित नहीं है। वर्ष 2007 में बसपा ने ब्राह्मण-दलित सामाजिक समीकरण के जरिए सत्ता हासिल की थी और एक बार फिर उसी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के रूप में इसे देखा जा रहा है। आगामी चुनावों को देखते हुए बसपा ब्राह्मण समाज को फिर से साधने में जुटी हुई है।