Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राजपुरा-अंबाला नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। एक निजी कंपनी में काम करने वाले वर्करों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हाईवे पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और यातायात जाम कर दिया। वर्करों का दावा है कि हादसे में कंपनी की तीन महिला कर्मी गंभीर रूप से घायल हुई थीं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे में तीन महिला कर्मियों के घायल होने का दावा
वर्करों के मुताबिक, सुबह ड्यूटी पर जाते समय कंपनी से जुड़ी तीन लड़कियां सड़क हादसे का शिकार हो गईं। उनका कहना है कि एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। तीसरी घायल युवती को गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप
धरने पर बैठे वर्करों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के बाद उन्हें घटनास्थल पर जाने से रोका गया और धमकी दी गई कि बाहर निकलने पर नौकरी से निकाल दिया जाएगा। वर्करों का आरोप है कि कंपनी में एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं थी, जिससे घायल लड़कियों को निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा। इसी देरी के कारण एक युवती ने मौके पर ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
हाईवे जाम से यातायात ठप, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और वर्करों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक धरना जारी रहने के कारण राजपुरा-अंबाला हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की गई है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
हादसे और धरने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। वर्करों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी पहलुओं की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।



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