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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : गुरुवार रात अमरोहा से रवाना हुई राज्यरानी एक्सप्रेस उस वक्त अचानक चर्चा में आ गई, जब कुछ दूरी तय करने के बाद एसी कोच से धुआं उठता दिखाई दिया। रात करीब सवा नौ बजे स्टेशन से निकलते ही पहले एक कोच में धुआं नजर आया और कुछ ही पलों में बी-1, बी-2, बी-4, सी-1 और सी-2 कोच तक फैल गया। हालात को भांपते हुए यात्रियों ने जंजीर खींच दी, जिससे ट्रेन काफूरपुर जंगल के पास रुक गई।

धुआं देखते ही ट्रेन में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लोको पायलट ने तुरंत अमरोहा स्टेशन को सूचना दी और एहतियातन पूरी ट्रेन की बिजली सप्लाई बंद कर दी। इसके बाद सभी यात्रियों को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया। कड़ाके की ठंड और सुनसान इलाके में फंसे यात्रियों का हाल बेहाल हो गया।

रेल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और सभी कोचों की वायरिंग की जांच शुरू की। जांच में तकनीकी खराबी सामने आई, जिसे कुछ ही देर में ठीक कर लिया गया। करीब सवा घंटे तक खड़ी रहने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इसके बाद राज्यरानी एक्सप्रेस रात करीब 11 बजे हापुड़ पहुंची।

सवा घंटे तक जंगल में खड़े रहे यात्री

मेरठ सिटी स्टेशन सवा घंटे की देरी से पहुंची इस ट्रेन में बैठे यात्रियों ने अपनी आपबीती साझा की। यात्रियों का कहना था कि काफूरपुर जंगल में ट्रेन के रुकने के बाद अंधेरे में सभी को उतरना पड़ा। स्टेशन पहुंचने पर कोचों को तुरंत बंद कर यार्ड में ले जाया गया।

डी-1 कोच में सफर कर रहे राम प्रसाद ने बताया कि जैसे ही धुआं दिखाई दिया, लोग घबरा गए और तुरंत जंजीर खींच दी गई। उनका कहना था कि धुआं कोच के नीचे से उठता नजर आ रहा था।

मेरठ में रिश्तेदारी में जा रहे मोहम्मद अली ने बताया कि ट्रेन पूरी रफ्तार से चल रही थी, तभी कुछ यात्रियों ने एसी कोच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई। सूचना मिलते ही लोको पायलट ने सप्लाई काट दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

रेल अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी ईएमयू ट्रेन में दौराला के पास इस तरह की घटना हो चुकी है। इस बार भी समय रहते ट्रेन रुक जाने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। मेरठ सिटी स्टेशन पर पहले से तैनात रेल कर्मियों ने यात्रियों के उतरते ही कोचों को सील कर दिया।