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Prabhat Vaibhav,Digital Desk :लखनऊ और बाराबंकी के साथ-साथ हैदरगढ़, देवा और कुर्सी जैसे रूटों पर उपनगरीय और ई-बस सेवाओं के बंद होने से रोजाना हजारों यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रोजगार, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए राजधानी आने-जाने वाले लोग अब वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हैं।

चार रूट की बस सेवा बंद
लखनऊ से बाराबंकी मुख्यालय, हैदरगढ़, महमूदाबाद और देवा के चार रूटों पर उपनगरीय बस सेवा बंद कर दी गई है। मई 2022 में शुरू हुई यह सेवा दैनिक यात्रियों के लिए राहत का साधन थी, लेकिन अब इसे बंद कर दिया गया है। इस सेवा के बंद होने से नौकरी पेशा, छात्र और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हैदरगढ़ डिपो की बस सेवा ठप
हैदरगढ़ डिपो से लखनऊ के लिए लगभग 15 बसें संचालित होती थीं, जो डेढ़ साल से बंद हैं। इसके चलते दैनिक यात्रियों को काफी असुविधा हुई। हैदरगढ़ डिपो के एआरएम जगदीश प्रसाद के अनुसार, कैसरबाग डिपो, सुल्तानपुर, जौनपुर और बनारस की बसों को स्टापेज के लिए पत्राचार किया गया है।

देवा रूट पर ई-बस बंद
देवा से लखनऊ तक सीधे जोड़ने वाली ई-बसों का संचालन भी करीब दो माह पहले बंद कर दिया गया। इससे छात्रों, जायरीन और व्यापारियों को गंभीर परेशानी हो रही है। राजाजीपुरम बस अड्डे से चलने वाली ई-बसें पहले नियमित थीं, लेकिन अब यात्रियों को मजबूरन तीन पहिया वाहनों या अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है।

कुर्सी रूट की बसें भी प्रभावित
छह अप्रैल 2022 में लखनऊ दुबग्गा से कुर्सी तक इलेक्ट्रॉनिक्स बस सेवा शुरू हुई थी, जिसे स्थानीय मांग पर बढ़ाकर बड्डूपुर तक किया गया। बसें टेडी पुलिया, इंट्रीगल इंडस्ट्री, बेहटा, अनवारी, अमरसंडा, कुर्सी, टिकैतगंज, निंदूरा, रीवा और सीवा होते हुए बड्डूपुर तक चलती थीं। करीब हर 15 मिनट पर बस होने से यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा थी, लेकिन लगभग एक वर्ष पहले यह सेवा अचानक बंद कर दी गई।

उपनगरीय बस सेवा पर असर
उपनगरीय और इलेक्ट्रॉनिक्स बसें लखनऊ से संचालित होती थीं, लेकिन अब इनका संचालन बंद है। निगम और अनुबंधित बस सेवाएं लखनऊ, सीतापुर, बहराइच और गोंडा से लेकर कानपुर तक तो परिवहन सेवा दे रही हैं, लेकिन उपनगरीय बस सेवा फिलहाल प्रभावित है।