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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : क्रिकेट जगत के जादुई स्पिनर शेन वार्न को दुनिया से रुखसत हुए चार साल बीत चुके हैं, लेकिन उनकी रहस्यमयी मौत का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। इस बार किसी और ने नहीं, बल्कि वार्न के बेटे जैक्सन वार्न ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञों और क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया है। जैक्सन का मानना है कि उनके पिता की अचानक हुई मौत के पीछे कोविड-19 वैक्सीन की बड़ी भूमिका हो सकती है।

मजबूरी में लगवाए थे 3-4 टीके: जैक्सन का दर्द

एक हालिया पॉडकास्ट '2 वर्ल्ड्स कोलाइड' में दिल खोलकर बात करते हुए जैक्सन ने बताया कि उनके पिता शेन वार्न वैक्सीन लगवाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं थे। जैक्सन के अनुसार, वार्न ने केवल अपने काम की प्रतिबद्धताओं और तत्कालीन नियमों के दबाव में आकर वैक्सीन ली थी। उन्होंने खुलासा किया कि वार्न को काम जारी रखने के लिए तीन से चार बार वैक्सीन लगवाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसका उनके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। जैक्सन का कहना है कि हालांकि उनके पिता को पहले से कुछ छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं थीं, लेकिन वैक्सीन ने उन दिक्कतों को और ज्यादा गंभीर बना दिया।

अंतिम संस्कार के वक्त भी मन में था सरकार के प्रति गुस्सा

जैक्सन ने बेहद भावुक होते हुए कहा कि जब उन्हें पहली बार अपने पिता की मौत की खबर मिली, तो उनके दिमाग में सबसे पहले कोविड वैक्सीन और सरकार के प्रति नाराजगी आई थी। उन्होंने बताया, "मैं यह बात पिता के अंतिम संस्कार के दौरान ही चिल्लाकर कहना चाहता था, लेकिन उस समय की संवेदनशीलता को देखते हुए मैंने खुद को रोक लिया। अगर मैं तब यह मुद्दा उठाता, तो विवाद काफी बढ़ सकता था। लेकिन आज मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि वैक्सीन ने उनकी स्थिति को और बिगाड़ दिया था।"

थाईलैंड में हुई थी दिग्गज की अचानक मौत

गौरतलब है कि साल 2022 में थाईलैंड में छुट्टियां मनाने के दौरान महज 52 वर्ष की आयु में शेन वार्न का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उस समय पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया था, लेकिन जैक्सन के इस नए दावे ने अब एक नई बहस छेड़ दी है। जैक्सन ने कहा कि इस बारे में सोचने पर उन्हें आज भी बहुत गुस्सा आता है, क्योंकि उनके पिता पूरी तरह सक्रिय और स्वस्थ महसूस कर रहे थे।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब सोशल मीडिया पर एक बार फिर 'वैक्सीन साइड इफेक्ट्स' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि चिकित्सा जगत और विशेषज्ञों ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।