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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और रूस के बीच जारी भू-राजनीतिक खींचतान में एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कैरेबियाई देश क्यूबा पर लगाए गए कड़े ऊर्जा प्रतिबंधों को धता बताते हुए रूस ने कच्चे तेल की एक बड़ी खेप क्यूबा पहुंचाई है। रूस ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में अपने 'मित्र' क्यूबा की मदद करना उसका नैतिक कर्तव्य है। इस कदम से न केवल ट्रंप की नाकाबंदी टूटी है, बल्कि क्यूबा में गहराते बिजली और ईंधन संकट को भी बड़ी राहत मिली है।

7.3 लाख बैरल तेल के साथ पहुंचा रूसी टैंकर 'अनातोली कोलोडकिन'

शिपिंग डेटा के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में रूस से रवाना हुआ प्रतिबंधित तेल टैंकर 'अनातोली कोलोडकिन' सोमवार को क्यूबा के उत्तर-पूर्वी तट पर देखा गया। इस टैंकर में लगभग 730,000 बैरल कच्चा तेल लदा है। जनवरी 2026 के बाद क्यूबा को मिली यह तेल की सबसे बड़ी खेप है। क्यूबा इस समय अपनी अर्थव्यवस्था के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है, जहां ईंधन की कमी के कारण घंटों बिजली कटौती हो रही है। रूसी तेल का पहुंचना द्वीप देश के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

रूस का पलटवार: 'मित्रों की मदद करना हमारा धर्म'

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस आपूर्ति की पुष्टि करते हुए कहा, "रूस इन कठिन परिस्थितियों में अपने क्यूबाई मित्रों की सहायता करना अपना कर्तव्य समझता है। हमें इस बात की खुशी है कि पेट्रोलियम उत्पादों की यह खेप सफलतापूर्वक द्वीप तक पहुंच गई है।" रूस ने अमेरिका द्वारा लगाई गई ऊर्जा नाकाबंदी की कड़ी आलोचना की है। दिलचस्प बात यह है कि पेस्कोव ने संकेत दिया कि इस शिपमेंट के बारे में रूस और अमेरिका के बीच पहले चर्चा हुई थी, हालांकि उन्होंने विस्तार से कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

वेनेजुएला संकट और ट्रंप की चेतावनी

क्यूबा पारंपरिक रूप से वेनेजुएला से तेल प्राप्त करता था, लेकिन जनवरी 2026 में एक नाटकीय घटनाक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के जरिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया। मादुरो फिलहाल अमेरिकी हिरासत में हैं। वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद क्यूबा की तेल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। ट्रंप ने दुनिया भर के देशों को चेतावनी दी थी कि जो भी क्यूबा को तेल भेजेगा, उस पर भारी शुल्क (Tariff) लगाया जाएगा।

ट्रंप का नरम रुख: 'आपूर्ति से हमें कोई आपत्ति नहीं'

हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक ओर अमेरिका ने सख्त प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं रूसी तेल के क्यूबा पहुंचने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नरमी दिखाई है। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें रूस द्वारा की गई इस आपूर्ति से कोई विशेष परेशानी नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक नया हिस्सा हो सकता है, जहां अमेरिका वेनेजुएला पर पूर्ण नियंत्रण के बाद कुछ मोर्चों पर रूस को 'स्पेस' देने की रणनीति अपना रहा है। फिलहाल, रूसी तेल के आने से क्यूबा की सड़कों और घरों में फिर से रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है।