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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी महाविनाश के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सनसनीखेज बयान ने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आशंका से कपा दिया है। न्यूयॉर्क में मीडिया से रूबरू होते हुए ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कुचलने के लिए यदि जरूरत पड़ी, तो वे अमेरिकी जमीनी सैनिकों (Ground Troops) को ईरानी धरती पर उतारने में रत्ती भर भी संकोच नहीं करेंगे।

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी': 4 हफ्ते का काम 1 दिन में पूरा!

राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की अप्रत्याशित सफलता का दावा करते हुए सैन्य विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। उनके मुख्य दावे इस प्रकार हैं:

शीर्ष नेतृत्व का सफाया: ट्रंप के अनुसार, इस अभियान में अब तक तेहरान के 49 उच्च-स्तरीय अधिकारियों और नेताओं को मार गिराया गया है।

अतुलनीय गति: जिस सैन्य कार्रवाई को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों ने 4 सप्ताह का समय मांगा था, ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी सेना ने उसे मात्र 24 घंटों में अंजाम दे दिया।

आक्रामक नीति: पूर्व राष्ट्रपतियों की तुलना में अपनी नीति को अलग बताते हुए उन्होंने कहा कि वे 'बूट्स ऑन ग्राउंड' (जमीनी सेना) भेजने के विकल्प को कभी बंद नहीं करते।

जिनेवा बैठक की विफलता और परमाणु 'रेड लाइन'

ट्रंप ने खुलासा किया कि ईरान पर हमले का निर्णय जिनेवा में हुई कूटनीतिक बैठक की विफलता के बाद लिया गया। खुफिया रिपोर्टों से पता चला था कि ईरान गुपचुप तरीके से अपनी परमाणु परियोजनाओं पर काम फिर से शुरू कर चुका था, जो अमेरिका के लिए एक 'रेड लाइन' थी। वार्ता विफल होने के बाद, अमेरिका ने कड़ा सैन्य विकल्प चुना।

"प्रतिशोध का भय नहीं": ट्रंप का निडर रुख

ईरान द्वारा संभावित आतंकवादी हमलों या जवाबी कार्रवाई की धमकियों पर ट्रंप ने दो-टूक जवाब दिया:

"हमारे पास सटीक खुफिया जानकारी है। हम किसी भी प्रतिक्रिया का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ईरान का मौजूदा नेतृत्व अब बेहद कमजोर हो चुका है और अमेरिका बहुत कम समय में पूर्ण विजय प्राप्त कर लेगा।"

विनाशकारी स्थिति और वैश्विक चिंता

1 मार्च 2026 को जहाँ युद्ध के लंबा खिंचने के आसार थे, वहीं 2 मार्च की रात तक ट्रंप के तेवरों ने संकेत दे दिए हैं कि वे इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ पर ले जाने वाले हैं। तेहरान में मची तबाही और अमेरिकी सेना की संभावित एंट्री ने पूरे पश्चिम एशिया (West Asia) को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है।