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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) में बढ़ते निवेशकों के भरोसे को देखते हुए राज्य सरकार अब करीब 1000 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटित करने की योजना पर काम कर रही है। सरल नीतियां, तेज फैसले और पारदर्शी व्यवस्था के कारण देश और विदेश की कई रक्षा कंपनियां यूपी में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। इससे राज्य में लगभग 3,500 करोड़ रुपये के नए निवेश की मजबूत संभावना बन गई है।

झांसी बना डिफेंस निवेश का केंद्र

डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में झांसी निवेशकों की पहली पसंद बनकर सामने आया है। यहां गुडलक्स एस्ट्रा की ओर से 1000 करोड़ रुपये और रेडवुड ह्यूजेस द्वारा 700 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के लिए करीब 500 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में डिफेंस इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित करने की दिशा को नई मजबूती मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिलेगी।

ड्रोन और हाई-टेक डिफेंस पर खास फोकस

राज्य सरकार चित्रकूट और अलीगढ़ नोड्स को आधुनिक डिफेंस और ड्रोन टेक्नोलॉजी का केंद्र बनाने में जुटी है।

चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) करीब 672 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके साथ ही आईजी ड्रोन्स द्वारा ड्रोन सेक्टर में 100 करोड़ रुपये लगाने का प्रस्ताव है।

अलीगढ़ नोड के फेज-2 में स्पेसकेम और मराल जैसी कंपनियां केमिकल और डिफेंस सपोर्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं।

लखनऊ नोड में नेक्सा मुंबई और प्रोमोटेक जैसी कंपनियां हाई-टेक आधारित इकाइयां लगाएंगी, जिससे डिफेंस सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।

रोजगार और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

यूपीडा (UPEIDA) के मुताबिक, डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए लगातार नए प्रस्ताव आ रहे हैं और सरकार के पास इसके लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। इस पहल से न केवल रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को गति मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, स्थानीय एमएसएमई और स्टार्टअप्स को भी वैश्विक डिफेंस सप्लाई चेन से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।