Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब धीरे-धीरे एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार हो रहा है। वर्षों से चल रहे निर्माण कार्य और बार-बार बढ़ती डेडलाइन के बाद स्टेशन का विशाल कानकोर्स और नई सुविधाएं अब आंशिक रूप से यात्रियों के लिए खुल गई हैं।
लिफ्ट चालू, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को राहत
वीरवार को कानकोर्स के दोनों ओर लगी लिफ्टों की इंस्पेक्शन प्रक्रिया पूरी कर दी गई, जिसके बाद 8 लिफ्टों को चालू कर दिया गया है। इससे बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
प्लेटफार्म नंबर 1 से 6 तक यात्री अब आसानी से पहुंच सकेंगे।
कानकोर्स के दोनों ओर 4–4 लिफ्टें उपलब्ध हैं।
विशाल कानकोर्स और स्टेशन का डिजाइन
कानकोर्स चंडीगढ़ और पंचकूला साइड को जोड़ता है और इसका आकार लगभग 72 मीटर × 80 मीटर है। रेलवे के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार के अनुसार, स्टेशन का 90% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बाकी फिनिशिंग और अन्य कार्य मार्च के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों के लिए
स्टेशन का निर्माण एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।
कानकोर्स अब प्लेटफॉर्म 2, 3, 4, 5 और 6 तक खुला है।
यात्रियों के लिए सुविधाएं जैसे लिफ्ट और वर्ल्ड क्लास इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं।
प्रोजेक्ट की पिछली डेडलाइन और स्थिति
रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा संचालित इस पुनर्विकास प्रोजेक्ट की डेडलाइन पहले कई बार बढ़ चुकी है।
2025 में अप्रैल, सितंबर और दिसंबर की डेडलाइन पूरी नहीं हो सकी।
पहले 2024 तक स्टेशन के तैयार होने की उम्मीद जताई गई थी।
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए सख्त समय-सीमा रखना कठिन है, इसलिए काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।




