भूख से तड़पता रहा 5 साल का बेटा, मां की क्रूरता से हुई दर्दनाक मौत; कोर्ट ने सुनाई 22 साल की सजा
मानवता को शर्मसार कर देने वाले और दिल दहला देने वाले मामलों में अदालत ने एक बेहद सख्त फैसला सुनाया है। एक क्रूर मां की घोर लापरवाही और अमानवीयता के कारण उसके महज 5 साल के मासूम बेटे की तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई थी। बच्चा कई दिनों तक लगातार भूख से सिसकता रहा, लेकिन उस पत्थर दिल मां को अपने ही कलेजे के टुकड़े पर जरा भी दया नहीं आई। इस गंभीर और जघन्य मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी मां को दोषी करार दिया है और उसे 22 साल की लंबी कैद की सजा सुनाई है। इस खौफनाक घटना ने समाज और रिश्तों की पवित्रता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई दिनों तक भूखा-प्यासा तड़पता रहा मासूम बच्चा
यह सनसनीखेज मामला उस वक्त सामने आया जब पुलिस को एक घर से 5 साल के बच्चे का शव मिला। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए, उन्होंने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, मासूम बच्चे की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि अत्यधिक भुखमरी और कुपोषण के कारण हुई थी। क्रूर मां ने अपने ही मासूम बेटे को घर में अकेला छोड़ दिया था या उसे खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दिया, जिसके चलते वह कई दिनों तक लगातार तड़पता रहा। बच्चे की चीख-पुकार और भूख से बिलखने की हालत भी उस महिला के दिल को नहीं पसीज सकी, जो ममता की मूरत कही जाती है।
पुलिस जांच में सामने आई मां की घिनौनी करतूत और क्रूरता
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारियों ने मामले की गहराई से छानबीन शुरू की। जांच के दौरान यह बात पुख्ता हो गई कि महिला ने जानबूझकर अपने बच्चे की देखभाल करने से इनकार किया था और उसे अमानवीय परिस्थितियों में मरने के लिए छोड़ दिया था। पुलिस ने आरोपी मां को तुरंत हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ हत्या व बाल शोषण की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। अदालत में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर यह साबित हो गया कि बच्चे की इस दर्दनाक मौत के पीछे पूरी तरह से उसी की मां की क्रूरता और आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार थी।
अदालत का कड़ा फैसला: दोषी मां को सुनाई 22 साल की सजा
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी महिला को बच्चे की हत्या और क्रूरता का दोषी माना। कोर्ट ने न्याय का संदेश देते हुए क्रूर मां को 22 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायपालिका के इस फैसले का समाज के प्रबुद्ध वर्गों और नागरिकों ने स्वागत किया है, ताकि ऐसी मांओं और अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहे। इस दर्दनाक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दुनिया में ममता को कलंकित करने वाले ऐसे लोग भी मौजूद हैं।