कार के टायर जितना बड़ा फूल, आती है सड़ी लाश जैसी बदबू! जानिए प्रकृति के इस अनोखे अजूबे का राज

कार के टायर जितना बड़ा फूल, आती है सड़ी लाश जैसी बदबू! जानिए प्रकृति के इस अनोखे अजूबे का राज

प्रकृति अपने भीतर ऐसे-ऐसे रहस्यों और अजूबों को समेटे हुए है, जिनके बारे में जानकर इंसान दांतों तले उंगलियां दबा लेता है। आमतौर पर फूलों का नाम सुनते ही हमारे जहन में खूबसूरत रंग और मनमोहक खुशबू का अहसास होने लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस धरती पर एक ऐसा फूल भी मौजूद है जिसका आकार किसी कार के टायर जितना बड़ा होता है, और उससे कोई खुशबू नहीं, बल्कि सड़ी हुई लाश (सड़े हुए मांस) जैसी भयानक बदबू आती है?

जी हां, इस अनोखे और अजीबोगरीब फूल को विज्ञान की भाषा में 'रैफलेसिया अर्नोल्डिया' (Rafflesia arnoldii) कहा जाता है, जिसे आम बोलचाल में लोग 'कॉर्प्स फ्लावर' (Corpse Flower) यानी 'लाश फूल' भी कहते हैं। आइए जानते हैं प्रकृति के इस सबसे बड़े अजूबे के पीछे का हैरान करने वाला वैज्ञानिक राज।

कितना बड़ा होता है यह फूल?

रैफलेसिया को दुनिया का सबसे बड़ा व्यक्तिगत फूल माना जाता है। इसके विशालकाय आकार का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह पूरी तरह खिलने पर लगभग 3 फीट (1 मीटर) तक चौड़ा हो सकता है और इसका वजन 7 से 11 किलोग्राम तक हो सकता है। यह देखने में किसी कार के बड़े टायर या एक विशाल थाली जैसा नजर आता है। इसका रंग गहरा लाल या मैरून होता है, जिस पर सफेद रंग के उभरे हुए धब्बे होते हैं।

आखिर क्यों आती है इसमें से सड़ी लाश जैसी बदबू?

इस फूल का सबसे अनोखा और डरावना पहलू इसकी बदबू है। जब यह फूल खिलता है, तो इसमें से तीव्र दुर्गंध निकलती है, जो बिल्कुल किसी मरे हुए जानवर या सड़ी हुई लाश जैसी होती है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदबू के पीछे एक बेहद जरूरी प्राकृतिक कारण है। दरअसल, इस फूल को अपने वंश को आगे बढ़ाने के लिए 'परागकण' (Pollination) की जरूरत होती है। आम फूल तितलियों और मधुमक्खियों को आकर्षित करने के लिए खुशबू छोड़ते हैं, लेकिन रैफलेसिया को परागण के लिए कैरियन मक्खियों (Carrion Flies) और मांस खाने वाले कीड़ों की जरूरत होती है। यह सड़ी हुई बदबू इन मक्खियों को धोखा देती है कि वहां कोई मरा हुआ जानवर है। मक्खियां खिंची चली आती हैं और अनजाने में इस फूल का परागण कर देती हैं।

बिना जड़, पत्ती और तने का रहस्यमयी पौधा

रैफलेसिया के बारे में एक और हैरान करने वाली बात यह है कि इस पौधे में न तो कोई जड़ होती है, न तना होता है और न ही पत्तियां होती हैं। यहां तक कि इसमें क्लोरोफिल भी नहीं होता, जिसके कारण यह अपना भोजन खुद नहीं बना सकता।

यह पूरी तरह से एक परजीवी (Parasite) पौधा है। यह इंडोनेशिया और मलेशिया के वर्षावनों (Rainforests) में पाए जाने वाले 'टेट्रास्टिग्मा' नाम की लताओं (Vines) के अंदर रहता है। यह अपना सारा पोषण और पानी उसी मेजबान लता से चुराता है। जब इसे खिलना होता है, तब यह एक बड़ी कली के रूप में लता से बाहर निकलता है और फूल का रूप लेता है।

सिर्फ कुछ दिनों की होती है जिंदगी

इस विशालकाय फूल को पूरी तरह खिलने में कई महीनों का समय लगता है, लेकिन इसका जीवनकाल बेहद छोटा होता है। खिलने के बाद यह फूल मात्र 5 से 7 दिनों तक ही जीवित रहता है। इसके बाद यह काला पड़ जाता है और एक सड़ी हुई कली की तरह बिखर कर खत्म हो जाता है। दुर्लभ होने और जंगलों के तेजी से कटने के कारण अब यह अनोखा पौधा विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका है।

Tags:

Latest Posts