UP में फिर बदला मौसम का मिजाज, बदरी और बूंदाबांदी से बढ़ा स्वास्थ्य संकट

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अभी आंधी बारिश की संभावना है। वाराणसी सहित पूर्वांचल के भदोही, मिर्जापुर में अंधड़ चलने की भी आशंका भी जताई जा रही है।

वाराणसी।। मई माह के पहले सप्ताह के मध्य से ही लगातार मौसम में हो रहे बदलाव, बदरी और बूंदाबादी का क्रम बुधवार को भी जारी रहा। मंगलवार की पूरी रात तेज हवाओं और लुढ़के पारे से लोगों को भोर में सिहरन का जहां एहसास हुआ। वहीं दिन में खास कर दोपहर बाद धूप और उमस से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है। मौसम में आये इस बदलाव से कोरोना संकट काल में लोगों को अब स्वास्थ्य सम्बंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में आये बदलाव से खांसी, सर्दी, छिंक और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। मौसम में हो रहे बदलाव से विशेषज्ञों के साथ पुरनिये भी चिंतित है।

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अभी आंधी बारिश की संभावना है। वाराणसी सहित पूर्वांचल के भदोही, मिर्जापुर में अंधड़ चलने की भी आशंका भी जताई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि अगले 40 दिनों में पूर्वांचल में मानसूनी बादलों की दस्तक सोनभद्र जनपद से शुरू हो जायेगी। वाराणसी और आसपास मौसम का रूख आने वाले दिनों में ऐसे ही रहेगा। बारिश के बाद उमस का भी असर होगा। इसके बाद मौसम का रुख सामान्‍य रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

वाराणसी में दोपहर 12 बजे तक अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से कम रहा।आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 48 फीसद और हवा की रफ्तार आठ किलोमीटर प्रतिघंटा रही। मौसम में हो रहे बदलाव को देख चिकित्सकों ने भी नागरिकों को सतर्क किया है।

होमियोपैथी चिकित्सक डा.अरविन्द सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गो की खास ध्यान रखने की जरूरत है। गरम पानी से गरारा ,काढ़ा युक्त चाय के साथ लोग भाप भी लेते रहे। परेशानी महसूस होने पर चिकित्सक से सलाह देकर दवा भी ले। इन मौसमी रोगों से बचाव के लिए होमियोपैथी दवाएं सस्ती और कारगर भी होती है। उन्होंने बताया कि आजकल बुखार, जुकाम, गले में जकड़न और पूरे शरीर में एठन लोगों में देखने को मिल रहा है। ऐसे में किसी को भी कोविड-19 की आशंका होना स्वभाविक है। लेकिन इस समय मौसम बदल रहा है।

उन्होंने बताया कि दिन में गर्मी और सुबह-शाम मौसम ठंडा हो जाता है। यह मौसम वायरल बुखार के लिए अनुकूल है। मौसम के परिवर्तन या संधिकाल में बुखार-जुकाम होना बड़ी बात नही है। बस लोगों को सावधानी बरतने के साथ सफाई कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने के साथ समय पर दवा लेना भी आवश्यक है। इन दिनों हमें ज्यादा सयंमित रहने की जरूरत है। थोड़ी सी भी तकलीफ होने पर घरेलू उपचार शुरू कर दें। पीने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। दिन में एक बार भाप अवश्य लें। घर के अंदर नियमित रूप से व्यायाम,योग करें।

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