रोडवेज से अनुबंधित 60 से ज्यादा लग्जरी बसों के संचालन पर रोक, ऑपरेटरों की बढ़ीं मुश्किलें

यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इन लग्जरी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।

अयोध्या॥ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने यात्री न मिलने की वजह से वाॅल्वो और स्कैनिया जैसी 60 से अधिक अनुबंधित लग्जरी बसों के संचालन पर अस्थाई रोक लगा दिया है। इससे अनुबंधित बस ऑपरेटरों को बैंक की किस्त और अन्य खर्चों के लिए दिक्कतें हो रही हैं। फिलहाल यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इन लग्जरी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।

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परिवहन निगम मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यात्री न मिलने की वजह से लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में वाॅल्वो और स्कैनिया जैसी 60 से अधिक लग्जरी बसों के संचालन पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। लग्जरी बसों को इक्का- दुक्का सवारिया मिलने से आए दिन निरस्त करना पड़ रहा था।

हो रही ये परेशानी

उन्होंने बताया कि परिवहन निगम से अनुबंधित बस ऑपरेटरों ने आय के आधार पर बसों के संचालन के लिए मुख्यालय में पत्र दिया है। वर्ष 2019 में परिवहन निगम प्रशासन ने पूरे प्रदेश में 100 निजी ऑपरेटरों से लग्जरी बसों के संचालन के लिए अनुबंध किया था। इनमें से आधे से अधिक लग्जरी बसों का संचालन अभी पूरी तरह से बंद है। बस मालिकों ने बैंक से लोन लेकर लग्जरी बसों को लिया लिया था। ऐसे में लॉक डाउन से लेकर अब तक बसों का संचालन नहीं होने से बैंक की किस्त और अन्य खर्चों में दिक्कतें हो रही हैं।

उत्तर प्रदेश अनुबंधित बस ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लग्जरी बसों के संचालन के लिए गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि लक्जरी बसों का संचालन बंद होने से यात्री डग्गामार बसों की तरफ भाग रहे हैं। जबकि इन बसों से यात्रियों का सफर सुरक्षित नहीं है। इसके बावजूद परिवहन निगम प्रशासन लग्जरी बसों का संचालन शुरू करने से दूर भाग रहा है।

परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) पीआर बेलवारिया ने कहा की रोडवेज बसों का संचालन आय पर आधारित है। रोडवेज बसों को अभी पूरी तरह से यात्री नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में एक- दो यात्रियों के सहारे लंबी दूरी की लग्जरी सेवाएं संभव नहीं है। आय के आधार पर लग्जरी बसों के संचालन के लिए दो ऑपरेटरों ने पत्र दिया है। इस पर विचार किया जा रहा है।

 

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