बांग्लादेश की PM शेख हसीना ने धार्मिक कट्टरपंथियों को दी सख्त चेतावनी, कही ये बड़ी बात

भारत और बांग्लादेश बुधवार को साल 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान पर हुई जीत के उत्सव की वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उन धार्मिक कट्टरपंथियों को सख्त चेतावनी दी है, जो उनके देश में विभाजन करने का प्रयास कर रहे हैं।

ढाका। भारत और बांग्लादेश बुधवार को साल 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान पर हुई जीत के उत्सव की वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उन धार्मिक कट्टरपंथियों को सख्त चेतावनी दी है, जो उनके देश में विभाजन करने का प्रयास कर रहे हैं।

Sheikh hasina

शेख हसीना ने साल 2009 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार धार्मिक चरमपंथ को जगह देने से इनकार किया है। विजय दिवस (विक्ट्री डे) के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने लोगों को अपने पिता शेख मुजीबुर्रहमान की याद दिलाई, जिन्होंने धर्म को राजनीति का माध्यम बनाने का विरोध किया था।

धर्म के नाम पर अराजकता की अनुमति नहीं

उन्होंने कहा कि यह बांग्लादेश ललन शाह, रबीन्द्रनाथ टैगोर, काजी नजरूल, शाह जलाल, शाह पोरन, शाह मोकदम के साथ साथ 16.5 करोड़ बांग्लादेशी लोगों का देश है और हम अपने देश में किसी को धर्म के नाम पर अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं देंगे।

टेलीविजन प्रसारण में देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि साल 1972 में राष्ट्रपिता ने कहा था कि धर्म को राजनीति का साधन मत बनाओ लेकिन हारे हुए लोगों के सहयोगी अब देश को एक ऐसी स्थिति में ले जाने का सपना देख रहे हैं, जो 50 साल पहले देश में व्याप्त थी।

बांग्लादेश के लोग धार्मिक हैं लेकिन कट्टरपंथी नहीं

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लोग धार्मिक हैं लेकिन कट्टरपंथी नहीं हैं। हमें धर्म को राजनीति का हथियार नहीं बनाना चाहिए। सभी को अपना धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की आजादी के आंदोलन में मुस्लिमों, हिन्दुओं, बौद्ध धर्म के लोगों और ईसाई धर्म के लोगों, सबकी भूमिका है। हमें आजादी की लड़ाई की एकजुटता को संजोये रखना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button