कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका, इस राज्य में गिरी सरकार, CM ने दिया इस्तीफा

कांग्रेस को एक और झटका लगा है। पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार बहुमत साबित करने में विफल रही। जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री वी. नारायण सामी ने उप राज्यपाल तमिल सई सौंदर्य राजन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

पुडुचेरी। कांग्रेस को एक और झटका लगा है। पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार बहुमत साबित करने में विफल रही। जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री वी. नारायण सामी ने उप राज्यपाल तमिल सई सौंदर्य राजन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
Rahul Gandhi and Sonia Gandhi in tension
विश्लेषकों का कहना है कि इस राजनीतिक घटनाक्रम की पटकथा उसी समय तय हो गयी जब कल शाम दो और विधायक रविवार को स्पीकर के निवास पर मिले और अपना इस्तीफा दे दिया था।

14 विधायकों का समर्थन चाहिए था

कांग्रेस के पास 11 विधायकों (स्पीकर को लेकर 12) का समर्थन था, जबकि विधानसभा की वर्तमान स्थिति के मुताबिक उसे बहुमत के लिए 14 विधायकों का समर्थन चाहिए। हालांकि बल परीक्षण से पहले मुख्यमंत्री नारायण सामी दावा करते रहे कि उनके पास निर्वाचित विधायकों में से बहुमत है।
पुडुचेरी विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को आरंभ हुई। सदन में मुख्यमंत्री नारायणस्वामी ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया। उपराज्यपाल के निर्देशानुसार वोटों की गिनती हाथ उठवाकर की गई और विधानसभा की पूरी कार्यवाही की रिकॉर्डिंग हुई।
लेकिन मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के विधायकों ने प्रस्ताव पर नतीजे घोषणा करने से पहले सदन से वॉकआउट किया। अध्यक्ष वीपी शिवकोलुंडू ने विश्वास प्रस्ताव में हार की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने अरोप लगाया

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री विधानसभा से सीधे  राजभवन के लिए रवाना हो गए। इससे पहले सीएम ने विधानसभा में कहा कि हमने द्रमुक के समर्थन से सरकार बनाई है। हमने तब से कई चुनावों का सामना किया है। वे उपचुनाव भी जीते। उन चुनावों ने साबित कर दिया कि पुडुचेरी की जनता का हम पर विश्वास है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व एलजी किरण बेदी, केंद्र सरकार ने विपक्ष के साथ मिलकर उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची। मुख्यमंत्री ने अरोप लगाया कि हमने इस क्षेत्र के विकास के लिए बार-बार धनराशि मांगी है लेकिन केंद्र ने इसे मंजूरी नहीं दी। किरण बेदी ने सरकारी कामकाज में बाधा डाली है।
33 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा जिसमें तीन मनोनीत विधायक शामिल हैं, कांग्रेस के विधायकों के इस्तीफे के बाद 26 सदस्य हैं। नारायणस्वामी सरकार को जीत के लिए 14 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस-गठबंधन की ताकत 12 हो गई। इसमें कांग्रेस के 10 विधायक (स्पीकर सहित) और डीएमके के दो विधायक हैं। दूसरी ओर, विपक्षी अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस गठबंधन में 14 (एनआर कांग्रेस 7, अन्ना डीएमके 4, तीन नामित भाजपा विधायक) की ताकत है।
बहुमत साबित करने से पहले मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी को एक और झटका कल शाम तब लगा जब कांग्रेस के विधायक के. लक्ष्मीनारायणन और द्रमुक के विधायक वेंकटेशन के इस्तीफा देने के बाद 33 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गई। लक्ष्मीनारायणन और वेंकटेशन ने विधानसभा अध्यक्ष वी. पी. शिवकोलुंधु को कल शाम उनके आवास पर अपना इस्तीफा सौपा।

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