बजट सत्र 2021: राज्यपाल ने अभिभाषण में गिनायी सरकार की उपलब्धियां, विपक्ष ने किया जमकर बहिष्कार

समाजवादी पार्टी के विधायकों ने नारेबाजी की। वहीं बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के नेताओं ने भी राज्यपाल के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।

लखनऊ।। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जैसे ही अभिभाषण शुरू किया विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने नारेबाजी की। वहीं बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के नेताओं ने भी राज्यपाल के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद विपक्ष के सदस्य अभिभाषण का विरोध करते हुए सदन से बाहर चले गए। इन सबके बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा और उसे पूरा किया।

सामूहिक भावना के साथ प्रदेश सरकार ने किया कार्य–

राज्यपाल ने अभिभाषण में कोरोना संक्रमण से मंत्रियों चेतन चौहान, कमल रानी वरुण सहित विधान परिषद सदस्य राम सिंह यादव के निधन पर शोक जताते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में दृढ़ इच्छाशक्ति, परिपक्वता, संवेदनशीलता और सामूहिक भावना के साथ प्रदेश सरकार ने कार्य किया और कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की।

सार्वजनिक क्षेत्रों में 125, निजी क्षेत्र में 104 लैब क्रियाशील–

राज्यपाल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी आवश्यक कार्यों की निरंतरता जारी रखी गई। वहीं सरकारी कर्मचारियों को वेतन भुगतान भी समय से किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सार्वजनिक क्षेत्रों में 125 प्रयोगशाला तथा निजी क्षेत्र में 104 लैब क्रियाशील हैं। कोरोना जांच की क्षमता को शून्य से दो लाख प्रतिदिन तक पहुंचाने का कार्य किया गया। कोरोना रोगियों के लिए डेढ़ लाख से अधिक बेड और प्रत्येक जनपद में आईसीयू की स्थापना की गई।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश सरकार के कार्यों को मिली सराहना–

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के बेहतर कोरोना प्रबन्धन को देखते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी सराहना की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने के लिए वृहद स्तर पर टीकाकरण का कार्य प्रगति पर है। राज्यपाल ने देश ने दो स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च होने को लेकर कहा कि देश में युद्ध स्तर पर टीकाकरण में इनका प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा विदेशों में भी इन्हें भेजा जा रहा है। उन्होंने इसके लिए अभिभाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के वैज्ञानिकों का आभार भी व्यक्त किया।

40 लाख प्रवासी कामगारों को बसों से सुरक्षित पहुंचाया घर–

राज्यपाल ने कहा कि कोरोना के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों, श्रमिकों ने अपने गृह जनपदों के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के माध्यम से 40 लाख प्रवासी कामगारों श्रमिकों को उनके गृह जनपद हो तक पहुंचाया। इसके बाद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई। प्रवासी श्रमिकों को 15 दिन के उपयोग के लिए राशन वितरण के साथ ही प्रति श्रमिक एक हजार रुपये की धनराशि भी ऑनलाइन प्रदान की गई।

प्रतियोगी छात्र-छात्राओं की भी करायी सुरक्षित वापसी–

उन्होंने कहा कि राजस्थान के कोटा जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 12,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और इसी तरह प्रयागराज से लगभग 14,000 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित तरीके से उनके गृह जनपद में पहुंचाने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भी कानून व्यवस्था सुदृढ़ रही। सफाई व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े कार्य संपन्न किए गए। राज्यपाल ने इस दौरान कोरोना योद्धाओं के योगदान की सराहना की और उनके अपने प्राणों की आहुति देने वाले कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य का शुभारम्भ, दीपोत्सव का हुआ सफल आयोजन–

उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना संक्रमण काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य का शुभारम्भ सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई। राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर अयोध्या में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर नामक भव्य झांकी को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। अयोध्या में तीन दिवसीय तथा वाराणसी में देव दीपावली के अवसर पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन भी सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की नई औद्योगिक निवेश और रोजगार नीति के अन्तर्गत स्टार्टअप, युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन और मेक इन यूपी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां सबका साथ सबका विकास का अनुसरण करते हुए समावेशी विकास के लिए लागू की गई है।

एक्सप्रेस वे परियोजनाओं पर तेजी से किया जा रहा काम–

राज्यपाल ने कहा कि निवेश को आकर्षित करने की प्रतिबद्धता कानून व्यवस्था में निरंतर सुधार तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाने के मद्देनजर उत्तर प्रदेश इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवस्थापना विकास के मद्देनजर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से पूरा हो रहा है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गतिमान है। वहीं डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का निर्माण की प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्णता की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जनपद मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण भी प्रारंभ होने की स्थिति में है तथा भूमि प्राप्त करने की कार्यवाही युद्ध स्तर पर प्रारंभ हो चुकी है।

अन्य विकास प्रोजेक्ट पर तेज गति से हो रहा काम–

राजपाल ने कहा कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहा है। इसी कड़ी में नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 प्रस्तावित की गई। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में हवाई अड्डे का विकास कराया जा रहा है, जिसकी भविष्य में औद्योगिक निवेश के अंतर्गत अहम भूमिका रहेगी। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उड़ान के लिए लगभग तैयार हो चुका है।

रोजगार देने के लिए लक्ष्य को किया जा रहा पूरा–

उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं उद्योगों में निवेश रोजगार सर्जन की अपार संभावना है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति‚ 2017 में 20 हजार करोड़ के निवेश तथा 2022 तक प्रदेश में न्यूनतम तीन लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार का लक्ष्य रखा गया था, जिसे तीन वर्षों में ही पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 लागू की गई, जिसके अंतर्गत पांच वर्षों में 40,000 करोड़ के निवेश तथा चार लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य है।

एमएसएमई उद्योगों को प्रदान की जा रही सुविधाएं–

उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस सम्बन्ध में कार्य किया जा रहा है। अब उद्यमी को एक हजार दिवस की अवधि तक किसी भी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। बैंकों से सहयोग लेकर प्रदेश के लगभग एक लाख से अधिक एमएसएमई उद्योगों को को 3000 करोड़ के ऋण स्वीकृत कराते हुए लगभग 27 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए गए।

निर्यात 966 करोड़ से बढ़कर 1,20,356 करोड़ तक पहुंचा–

उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत लाखों लोगों को रोजगार से जोड़ा गया तथा 16 जिलों में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा योजना के अंतर्गत चार ऑनलाइन मेलों के माध्यम से 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को 30,000 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। एमएसएमई उद्योगों से सम्बन्धित उत्पादों में प्रदेश आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तीव्र गति से कार्य कर रहा है। सरकार की नीतियों के पारदर्शी क्रियान्वयन से प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017-18 में 966 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2019-20 में 1,20,356 करोड़ रुपये पहुंच गया है तथा प्रदेश निर्यात हब रूप के में विकसित हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में तय समय पर गेहूं व धान की सरकारी खरीद हुई है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर पुलिस में भर्तियां हुई। शिक्षकों की भर्ती भी रिकॉर्ड संख्या में हुई है।

विपक्ष ने सरकार को दिखाये तेवर–

राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। यहां पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहा है। प्रदेश में में जंगलराज है। उन्नाव की घटना पर सरकार मौन क्यों है। प्रेस को बैन किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के एमएलसी राजेंद्र चौधरी ने कहा कि हम लोग राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करते हैं। हम यहां पर सरकार का भाषण सुनने नहीं आए हैं। राज्यपाल तो सरकार का भाषण सुना रहीं हैं। कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि उन्नाव की घटना पर सरकार मौन है। वहां पर दो युवतियों की मौत पर पुलिस लीपापोती कर रही। हम लोग राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करते हैं।

सपा विधायक बोतलों में पेट्रोल-डीजल लेकर पहुंचे–

इससे पहले सपा विधायकों ने ट्रैक्टर से विधान भवन पहुंचकर किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक लिया। वहीं विधान भवन प्रांगण में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। विधान भवन जैसे संवेदनशील स्थान पर समाजवादी पार्टी के नेता बोतलों में पेट्रोल-डीजल लेकर पहुंच गए। इस दौरान इन लोगों ने पेट्रोल तथा डीजल से भरी बोतलों के साथ प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने भी जताया विरोध–

वहीं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ के साथ विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने भी विधान भवन प्रांगण में महंगाई, कृषि कानून तथा उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बढ़ती महंगाई, बढ़ते अपराध, कृषि कानून, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम व अन्य कई मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया।

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