मुख्यमंत्री योगी ने ‘लालजी टंडन बहुद्देशीय हॉल’ का किया लोकार्पण!

योगी ने कहा कि टंडनजी ने मूल्यों व सिद्धांतों के इतर कोई अन्य बात स्वीकार नहीं हुई। अन्य विचारों के साथ भी मित्रता भाव रखते थे।

लखनऊ।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिहार व मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन की जयंती पर राजधानी के चौक स्टेडियम के ‘लालजी टंडन बहुद्देशीय हॉल’ का बटन दबाकर लोकार्पण किया। इस मौके पर उनके नाम पर दुबग्गा से चौक तक सड़क व चौक चौराहा का नामकरण हुआ। अब चौक चौराहा ‘लालजी टंडन चौराहा’ के नाम से जाना जाएगा। वहीं, दुबग्गा से चौक तक का मार्ग भी उन्हीं के नाम से जाना जाएगा।

05- कालीदास स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह पहला समय है कि वे अपने भौतिक काया के साथ अपने जन्मदिन पर उपस्थित नहीं हैं। टंडनजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अपने पूर्वजों व वरिष्ठों के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव ही कृतज्ञता है। लखनऊ व टंडनजी एक दूसरे के पर्याय हो गए थे।

संस्मरण सुनाते हुए योगी ने बताया कि जब वे बिहार के राज्यपाल थे तब राम जानकी विवाह के अवसर पर जनकपुर जाना पड़ा था। उस अवसर पर मैं पटना चला गया था। रात्रि में पटना राज भवन में ही रूका था। पटना में उनसे बातचीत होने लग गई तो टंडनजी ने कहा कि लखनऊ से बाहर मुझे अच्छा नहीं लगता। लेकिन मैं रह रहा हूं। कोई मुझे पलायनवादी न कहे, इसलिए पटना में रहकर सेवा कर रहा हूं। मेरी आत्मा लखनऊ में ही बसती है।

योगी ने कहा कि टंडनजी ने मूल्यों व सिद्धांतों के इतर कोई अन्य बात स्वीकार नहीं हुई। अन्य विचारों के साथ भी मित्रता भाव रखते थे। स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए वे पथप्रदर्शक के रूप में जाने गए। ‘अनकहा’ लखनऊ पुस्तक में उन्होंने जिन बातों का उल्लेख किया है, कह सकते हैं कि वे ‘चलता फिरता लखनऊ’ थे।

योगी ने बताया कि यह कार्यक्रम स्टेडियम में भव्यता के साथ होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री आवास में ही संपन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि ​इस हॉल, सड़क, चौराहे के जरिये उनकी स्मृतियां जुड़ी रहेंगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लालजी टंडन जी राम मंदिर पर चर्चा करते रहते थे। उनका हमसभी पर कृपा बनी रहे, इसकी कामना करता हूं। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि लखनऊ उनके दिल में रहता था।

महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि टंडनजी का व्यक्तित्व विराट था। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। वह पिता के समान कार्यकर्ताओं की चिंता करते थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि दूसरे सरकारों में भी बाबूजी की अच्छी पकड़ थी। समाज में उनको सभी स्वीकार करते हैं।

इस मौके पर उनके पुत्र तथा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन उपाख्य गोपाल ने संचालन करते हुए उनकी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान कई मंत्री, भाजपा पदाधिकारी व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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