चीन ने पाकिस्तान में उतारे भारी-भरकम लड़ाकू विमान, सैनिक भी भेजे

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत से चल रहे गतिरोध के बीच चीन ने पाकिस्तान के साथ ​युद्धा​भ्यास करने की तैयारी ​तेजी से शुरू कर दी है।

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत से चल रहे गतिरोध के बीच चीन ने पाकिस्तान के साथ ​युद्धा​भ्यास करने की तैयारी ​तेजी से शुरू कर दी है। ​इसी तैयारी के मद्देनजर भारत की सीमा से लगे ​चीनी और पाकिस्तानी एयरबेस पर ची​नी वायु सेना (​पीएलएएएफभारी-भरकम लड़ाकू विमान उतारे जा रहे हैं​​। चीन और पाकिस्तान के बीच होने वाली इस ड्रिल पर ​​भारतीय वायुसेना और अन्य भारतीय एजेंसियों ​की कड़ी नजर ​है। ​​ 
 
China fighter aircraft
सैटेलाइट इमेजरी विशेषज्ञ ​@detresfa_​नाम के ट्विटर हैंडल ने सोमवार शाम​ को जानकारी दी कि ​पाकिस्तान के साथ होने वाली ड्रिल के मद्देनजर ​​ची​नी वायु सेना (​पीएलएएएफ) ​का हैवी लिफ्ट विमान ​वाई-20​ आज भोलारी एयरबेस के पास पाकिस्तान में ​उतरा​​ इसके साथ ही इसी मार्ग ​पर ​पीएलएएएफ​ का एक अन्य अ​​ज्ञात विमान देखा गया​​​​​ इसके अलावा 12 से अधिक ​​चीनी वायु सेना की एक टुकड़ी पाकिस्तान की सीमा में आ गई है। चीनी वायु सेना की​ ​​इस​ ​टुकड़ी​ में जे-10​सी, ​जे-11​बी/डी, ​वाई-9​जी (​जीएक्स-11) इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान और ​केजे-2000 ​एईडब्ल्यू एंड सी विमान ​हैं। चीन ने सोमवार को ​​गुजरात की सीमा के करीब एक पाकिस्तानी हवाई अड्डे पर लड़ाकू विमान और सैनिक भेजे हैं।
चीन ने सोमवार को गुजरात की सीमा के करीब एक पाकिस्तानी हवाई अड्डे पर लड़ाकू विमान और सैनिक भेजे हैं। ​चीनी सेना ने सोमवार को घोषणा की कि दो ताकतों के ‘वास्तविक मुकाबला प्रशिक्षण’ में सुधार लाने के उद्देश्य से पाकिस्तानी वायु सेना के साथ यह ड्रिल भारत की सीमा के करीब की जाएगी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बयान में कहा गया है कि चीन-पाकिस्तान वायु सेना का संयुक्त अभ्यास शाहीन (ईगल) का नौवां संस्करण कराची से उत्तर-पूर्व में होगा जिसमें भाग लेने के लिए चीनी वायु सेना के सैनिकों को पाकिस्तानी वायु सेना के एयर बेस सिंध के थाटा जिले में भेजा गया है। हालांकि चीनी बयान में दोनों देशों के बीच होने वाली ड्रिल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है लेकिन सिर्फ इतना बताया गया है कि यह अभ्यास दिसम्बर के अंत में समाप्त होगा।
 
शाहीन ड्रिल का पिछला संस्करण सितम्बर, 2019 में चीन के शिनजियांग में आयोजित किया गया था जिसमें दोनों देशों के लगभग 50 युद्धक विमानों ने हिस्सा लिया था। पीएलए वायु सेना के बयान में कहा गया था कि एलएसी के करीब शिनजियांग में आयोजित शाहीन अभ्यास के पिछले संस्करण में दोनों देशों के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने नकली लड़ाई में हिस्सा लिया था। चीनी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हाल ही में भारत के साथ चीन की विवादित सीमा के पास पश्चिमी थिएटर कमान के चारों ओर गहन अभ्यास किया था। 

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