Congress ने योगी सरकार के चार साल को बताया चौपट काल, जारी किया रिपोर्ट कार्ड

कांग्रेस ने योगी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर एक रिपोर्ट कार्ड जारी कर योगी सरकार के चार साल को चौपट काल करार दिया है। रिपोर्ट कार्ड में लिखा है।

lucknow। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज चार साल पूरा कर लिया है। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि विगत चार वर्षों में सभी पर्व पूरी शांति के साथ सम्पन्न हुए, कोई दंगा नहीं हुआ, जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते डकैती, बलात्कार, भ्रष्टाचार में भारी कमी देखने को मिली है। राजधनी समेत पुरे प्रदेश में लगी होर्डिंग्स में विकास में मामले में योगी सरकार के चार साल को 70 सालों पर भारी दिखया गया है। वही कांग्रेस ने योगी सरकार के चार साल को चौपट काल करार दिया है। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस ने योगी सरकार के चार साल का रिपोर्ट कार्ड जारी क्या है।

कांग्रेस ने योगी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर एक रिपोर्ट कार्ड जारी कर योगी सरकार के चार साल को चौपट काल करार दिया है। रिपोर्ट कार्ड में लिखा है। ‘योगी सरकार के चार साल, चौपट हुआ हाल’। शुकवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, सीएलपी लीडर आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में अराजकता बरही है। सभी तरह के अपराधों में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट कार्ड की ख़ास बातें …

चार साल में प्रदेश का किसान बदहाल हो गया। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 28 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। 2019 से अब तक प्रदेश में 5464 किसानों ने में आत्महत्या की है। पिछले एक वर्ष में प्रत्येक किसान की आय में 17 प्रतिशत की कमी आई है। प्रत्येक किसान पर एक लाख रूपये का कर्ज बढ़ा है। रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक 8447 करोड़ रूपये गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर भुगतान बकाया है। योगी सरकार में गन्ना का न्यूनतम समर्थन मूल्य न के बराबर बढ़ी है।

प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है लाखों युवा प्रति वर्ष बेरोजगार हो रहे हैं। रोजगार उपलब्ध कराने वाला एमएसएमई सेक्टर बदहाली के हालात में है। हजारों एमएसएमई बन्द हो चुके हैं। प्रदेश के सरकारी विभागों में 5 लाख से अधिक पद रिक्त हैं। प्रदेश में हर रोज 3 बेरोजगार आत्महत्या करने को विवश हैं।

रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक पिछले चार साल-में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो गई। अभिभावक प्राइवेट संस्थानों में मंहगी शिक्षा के लिए विवश हैं। वित्तविहीन शिक्षक वेतन के अभाव में दाने-दाने को मोहताज हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहले से जारी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

महिला अपराध के मामलों में लखनऊ देश में तीसरे नम्बर पर और प्रदेश में पहले स्थान पर है। भाजपा सरकार में लगातार महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं ने लगातार प्रदेश को शर्मशार किया है। सरकार का रवैया दोषियों को सजा देने के बजाय उनको संरक्षण देने का रहा है।

विधान परिषद में सरकार ने स्वीकार किया कि पिछले 2018-19 के मुकाबले जो प्रदेश की विकास दर 6.3प्रतिशत थी वह अब घटकर मात्र 3.8 प्रतिशत हो गई है। लोकसभा में सरकार द्वारा दिये गये आंकड़े के अनुसार 68 हजार उद्योग बन्द हुए हैं जिसमें 10 प्रतिशत अकेले यूपी से हैं। चमड़ा, प्लास्टिक, कपड़ा, आईटी, कालीन, बुनकरी, जरदोजी, पीतल, चूड़ी आदि उद्योग सरकार की गलत नीतियों के चलते बर्बाद हो गए।

कांग्रेस ने मंहगाई को लेकर योगी सरकार पर करारा हमला किया है। रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक़ जरूरत का सामान जनता की पहुंच से बाहर हो चुका है। रसोई गैस और पेट्रोल व डीजल की कीमतें आसमान छू रही है। विद्युत मूल्य यूपी में सबसे ज्यादा है। विद्युत बिल का भुगतान करना आम आदमी के लिए बहुत कठिन है।

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