Rising Petrol-Diesel Prices पर राहुल गांधी का तंज, कहा- सरकार है या पुरानी हिंदी फ़िल्म के लालची साहूकार!

राहुल ने सरकार के कुछ दावे के पर तंज कहा जिसमे सरकार की ओर से कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल डीजल (Rising Petrol-Diesel Prices) पर उत्पाद शुल्क के जरिए 3.35 लाख करोड़ रुपए का संग्रह किया गया है।

नई दिल्ली।। देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि (Rising Petrol-Diesel Prices) लगातार देखी जा रही है। विपक्ष पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर हमलावर है। इसी को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ़ जनता को लोन लेने को उकसा रहे हैं, दूसरी तरफ़ टैक्स वसूली से अंधाधुंध कमा रहे हैं।

सरकार है या पुरानी हिंदी फ़िल्म का लालची साहूकार? राहुल ने सरकार के कुछ दावे के पर तंज कहा जिसमे सरकार की ओर से कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल डीजल पर उत्पाद शुल्क के जरिए 3.35 लाख करोड़ रुपए का संग्रह किया गया है। एक तरफ़ जनता को लोन लेने को उकसा रहे हैं,दूसरी तरफ़ टैक्स वसूली से अंधाधुंध कमा रहे हैं। (Rising Petrol-Diesel Prices)

दरअसल, सरकार ने सोमवार को कहा कि पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल-डीजल (Rising Petrol-Diesel Prices) पर केंद्र की ओर से लगाए जाने वाले उत्पाद शुल्क के जरिए राजस्व का संग्रह 88 प्रतिशत बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रामेश्वर तेली ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क का संग्रह बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया जो इससे एक साल पहले 1.78 लाख करोड़ रुपये था।

सरकार ने सोमवार को कहा कि अभी तक जीएसटी परिषद ने तेल और गैस को माल एवं सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल करने की सिफारिश नहीं की है। लोकसभा में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने के. मुरलीधरन, भर्तृहरि महताब, सुप्रिया सुले और सौगत राय आदि सदस्यों के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। (Rising Petrol-Diesel Prices)

सदस्यों ने पूछा था, ‘‘क्या डीजल, पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण के लिये पेट्रोलियम पदार्थों को GST के दायरे में लाने की योजना है?’’ मंत्री ने जवाब दिया, ‘‘वर्तमान में इन उत्पादों को GST के दायरे में लाने की कोई योजना नहीं है। अभी तक GST परिषद ने तेल और गैस को माल एवं सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल करने की सिफारिश नहीं की है। (Rising Petrol-Diesel Prices)

उत्तराखंड: बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने फूंका केंद्र व राज्य सरकार का पुतला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button